गठबंधन और बीजेपी के बीच यूपी में कांटे की टक्कर

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नई दिल्ली/ लखनऊ:  आम चुनाव 2019 के आखिरी चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद मीडिया में अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल्स आ गए। इससे आधिकारिक नतीजों से पहले ही देश का मूड और हवा का रुख भांपने में मदद मिलती है।
चुनाव परिणाम आने तक एग्जिट पोल्स के नतीजे सियासी चर्चाओं के केंद्र में रहते हैं। जानिए- अलग-अलग एजेंसियों के सर्वे में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में किस दल को कितनी सीटें मिल रही है। टाइम्स नाउ-वीएमआर के मुताबिक, भाजपा को 80 में से 58 सीटें मिल सकती हैं। सपा-बसपा गठबंधन को 20 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को महज दो सीट मिलती दिख रही है। वहीं न्यूज 24X7 के अनुसार, भाजपा को 51 सीटें और सपा-बसपा को 26 सीटें मिल सकती हैं। यहां भी कांग्रेस को सिर्फ तीन सीट बताई गई है। एबीपी न्यूज-नील्सन के अनुसार भाजपा को भारी नुकसान हो रहा है। गठबंधन को 56 और कांग्रेस को दो सीट मिल सकती है। सुदर्शन न्यूज के एग्जिट पोल के मुताबिक, भाजपा को 52 सीट मिल सकती है। सपा-बसपा के खाते में 26 सीट जा सकती है।
एबीपी के सर्वे के अनुसार अवध क्षेत्र की 23 सीटों में भाजपा गठबंधन को 7 सीटें, सपा बसपा गठबंधन को 14 सीटें तथा कांग्रेस को 2 सीटें मिल रही है।  पश्चिम उत्तर प्रदेश के 27 सीटों में भाजपा गठबंधन को 6, सपा बसपा को 21 तथा कांग्रेस को 2 सीटें मिल रही है। बुंदेलखंड की 4 सीटों पर भाजपा गठबंधन को 1 तथा सपा बसपा गठबंधन को तीन सीटें मिल रही है।  वहीं पूर्वांचल में 26 सीटों पर भाजपा गठबंधन को 8 सीटें, सपा बसपा व लोकदल को 18 सीटें तथा कांग्रेस को 0 सीटें मिल रही है।
टाइम्स नाउ-वीएमआर के सर्वे में यूपी में भाजपा गठबंधन को 58 सीटें, कांग्रेस को 2 तथा सपा+बसपा+ रालोद गठबंधन को 20 सीटें मिलती दिख रही है। भले ही टाइम्स नाउ-वीएमआर सर्वे में महागठबंधन को महज 29 सीटें मिल रही हैं, लेकिन सी-वोटर सर्वे में उसे 40 सीटें मिलने की उम्मीद है। भाजपा को सी वोटर सर्वे में भी बहुत नुकसान होता नहीं दिख रहा है और उसे 38 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि कांग्रेस को सी-वोटर के सर्वे में भी झटका लगता दिख रहा है। उसे महज 2 सीटें मिलने का ही अनुमान जताया गया है।

भाजपा + कांग्रेस+ सपा+ बसपा+रालोद अन्य
आज तक एक्सीस
एबीपी न्यूज नील्सन  22  2  5  0
सी वोटर  38  2  40  0
टाइम्स नाउ-वीएमआर  58  2  20  0
न्यूज 24X7  51  3  26  0

एग्जिट पोल में देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य यूपी (80 सीट) पर देश की नजर है। 2014 में भाजपा ने यहां बंपर सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार मुकाबला पूरी तरह अलग रहा। सपा और बसपा ने हाथ मिलाते हुए महागठबंधन बना लिया, वहीं कांग्रेस भी अपने दम पर चुनाव लड़ी। कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को आधिकारिकतौर पर राजनीति में उतार दिया और पश्चिम यूपी की कमाई सौंप दी। चुनाव प्रचार के दौरान यूपी के नेताओं के नई विवादित बयान दिए, जिनके चलते योगी आदित्यनाथ के साथ ही मायावती और आजम खान के चुनाव प्रचार पाबंदी लगी।
यूपी की वीआईपी सीटों में लखनऊ सीट भी शामिल है, जहां से केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह मैदान में हैं। सपा ने उनके खिलाफ शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम को उतारा है। वहीं कांग्रेस ने प्रमोद कृष्णन को टिकट दिया है। इसी तरह वाराणसी (नरेंद्र मोदी), अमेठी (राहुल गांधी बनाम स्मृति ईरानी), रायबरेली (सोनिया गांधी), मैनपुरी (मुलायम सिंह), आजमगढ़ (अखिलेश यादव बनाम निरहुआ), रामपुर (आजम खान बनाम जया प्रदा), गोरखपुर (रवि किशन), कन्नौज (डिंपल यादव) यूपी की वीआईपी सीटों में शामिल हैं।
2014 का नतीजा: 2014 की मोदी लहर में भाजपा को 80 में से 73 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को सिर्फ दो (अमेठी और रायबरेली) में जीत मिली थी। सपा को 5 सीटों से संतोष करना पड़ा था, वहीं मायावती की पार्टी का तो खाता भी नहीं खुला था।
आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर एग्जिट पोल क्या होते हैं। लगभग सभी बड़े चैनल्स और एजेंसियां मिलकर आखिरी चरण के मतदान खत्म होने के बाद एग्जिट पोल दिखाती हैं। इसमें बताया जाता है कि नतीजे किसके पक्ष में होंगे और किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं। हालांकि जरूरी नहीं है कि परिणाम भी एग्जिट पोल के मुताबिक ही आएं क्योंकि यह सर्वे पर आधारित होता है और सर्वे शत प्रतिशत सही हों, इसकी गारंटी नहीं होती।
आइए हम आपको बताते हैं कि एग्जिट पोल कराने का तरीका क्या होता है। दरअसल एजेंसियां वोट डालने के तुरंत बाद वोटर्स की राय जानती हैं और उसी के आधार पर नतीजे तैयार किए जाते हैं। हालांकि यह सही रूप से पता कर पाना बड़ा मुश्किल होता है। वहीं वोटिंग से पहले वोटर्स की राय जानकर जो अनुमान लगाए जातें हैं उन्हें ओपिनियन पोल कहते हैं।

भारत का लोकसभा चुनाव विश्‍व का सबसे महंगा

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नई दिल्‍ली: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का 17वां लोकसभा चुनाव दुनिया का सबसे खर्चीला चुनाव है। नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) के अनुसार सात चरणों में कराए जा रहे इस चुनाव का कुल खर्च 50 हजार करोड़ रुपये (सात अरब डॉलर) है। ओपेन सीक्रेट. ओआरजी के अनुसार 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का खर्च इससे कम करीब 6.5 अरब डॉलर था।
40 फीसद इजाफा
सीएमएस के अनुमान के अनुसार 2014 के लोकसभा चुनाव का खर्च करीब 5 अरब डॉलर था। पांच साल बाद 2019 में हो रहे 17वें लोकसभा चुनाव में इस खर्च में 40 फीसद इजाफा हो चुका है।ति प्रति वोटर आठ डॉलर खर्च
जिस देश की साठ फीसद आबादी तीन डॉलर प्रतिदिन पर गुजारा करती है, उसमें प्रति मतदाता औसतन आठ डॉलर का खर्च लोकतंत्र को मुंह चिढ़ाता है। सर्वाधिक खर्च सोशल मीडिया, यात्राएं और विज्ञापन के मद में किया जाता है। 2014 में सोशल मीडिया पर महज 250 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, इस बार यह खर्च बढ़कर पांच हजार करोड़ रुपये जा पहुंचा है।
विज्ञापन पर खर्च
जेनिथ इंडिया के अनुसार 17वें लोकसभा चुनाव में 26 अरब रुपये सिर्फ विज्ञापन के मद में खर्चे जा सकते हैं। चुनाव आयोग के अनुमान के मुताबिक 2014 में दोनों मुख्य पार्टियों ने विज्ञापन पर करीब 12 अरब रुपये खर्च किए थे।
खर्च सीमा
राज्यों के हिसाब से लोकसभा चुनाव में कोई प्रत्याशी 50 लाख से 70 लाख के बीच खर्च कर सकता है। अरुणाचल प्रदेश, गोवा और सिक्किम को छोड़कर कोई भी उम्मीदवार किसी भी प्रदेश में अपने चुनाव प्रचार में अधिकतम 70 लाख खर्च कर सकता है। ऊपर के तीनों राज्यों में खर्च सीमा 54 लाख है। दिल्ली के लिए यह सीमा 70 लाख जबकि अन्य संघ शासित प्रदेशों के लिए 54 लाख है। विधानसभा चुनावों के लिए यह सीमा 20 लाख से 28 लाख के बीच है। इनमें किसी भी उम्मीदवार के चुनाव प्रचार में शामिल कुल खर्च होता है चाहे वह उसका कोई समर्थक खर्च करे या फिर राजनीतिक दल। चुनाव के पूरा होने के बाद सभी उम्मीदवारों को अपने खर्च का विवरण 30 दिनों के भीतर चुनाव आयोग को देना होता है।
बढ़ता चुनाव खर्च 
चुनाव आयोग के अनुसार पहले तीन लोकसभा चुनावों का खर्च 10 करोड़ रुपये से कम या उसके बराबर था। इसके बाद 1984-85 में हुए आठवें लोकसभा चुनाव तक कुल खर्च सौ करोड़ रुपये से कम था। 1996 में 11वें लोकसभा चुनाव में पहली बार खर्च में पांच सौ करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया। 2004 में 15वें लोकसभा चुनाव तक यह खर्च एक हजार करोड़ रुपये को पार कर गया। 2014 में खर्च 3870 करोड़ रुपये 2009 के खर्च से करीब तीन गुना अधिक था।

दुकान कब्जे को लेकर विवाद,कोतवाली में नोकझोंक

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Posted on : 19-05-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: दुकान पर कब्जे को लेकर जमकर विवाद हुआ| विवाद जादा बढने पर मामला कोतवाली पंहुचा जंहा दोनों तरफ से जबाबी तहरीर दी गयी| पुलिस जाँच कर कार्यवाही की बात कर रही है|
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चिंतामणि निवासी राजीव गुप्ता पुत्र जगदीश गुप्ता ने कोतवाली में दी गयी तहरीर में कहा है कि वर्ष 2009 के आस-पास मकान खरीदा था जिसमे मार्केट है| कुछ दुकाने किराये पर उठी थी जिन्हें कई लोग खाली कर गये| एक दुकानदार परवेज खान पुत्र निसार निवासी घेरशामू खां के पास किराये पर है| जो उन्होंने खाली नही की| राजीव का आरोप है कि परवेज के साथ दुकान खाली करने को लेकर समझौता हो गया| जिसके बाद उसी दिन परवेज 18 अप्रैल 2019 को दुकान खाली करके चले गये|
19 अप्रैल को दोपहर बाद वह अपने साथियों के साथ आया और गाली-गलौज कर झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी देकर फरार हो गया| वही दूसरे पक्ष से परवेज  दी गयी तहरीर में कहा है कि उसकी व्यूटी पार्लर व जरनल स्टोर की दुकान है| जिसका किराया कोर्ट में 10-12 वर्षों से जमा कर रहे है| परवेज के अनुसार 18 अप्रैल की रात्रि को राजीव गुप्ता ने उनके लगे ताले तोड़कर अपने ताले लगा दिये और दुकान में रखा लगभग 7 लाख का सामान भी साफ़ कर दिया|
दोनों पक्षों नें कोतवाली आकर तहरीर दी| हिन्दू महासभा नेता विमलेश मिश्रा,व्यापारी नेता संजीब मिश्रा बॉबी आदि कोतवाली पंहुचे| कोतवाली में भी दोनों पक्षों ने हंगामा करने का प्रयास किया| जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया| प्रभारी निरीक्षक रवि श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर जाँच की जायेगी| जाँच के बाद कार्यवाही होगी|

एग्जिट पोल- फर्रुखाबाद में बदलाव की सम्भावना नहीं दिखी

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Posted on : 19-05-2019 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS
FARRUKHABAD LOKSABHA POLL by JNI

बहुत घूमा, अंदरखाने के राज जानने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाये, जनता कहिन विडियो सीरीज चलाकर खूब वोटर को कुरेदा और दोस्त दुश्मन सब तरफ जीवन की आस पाने के अंदाज में चुनावी परिणाम करने की कोशिश करते हुए पिछले 40 दिन कैसे कटे ये या तो हम जानते है या फिर वो| यकीन मानिये 23 अप्रैल को मतदान के दिन से आज तक हर मिलने वाले से लेकर चुनाव लड़ने वाले ने भी पूछा और पुछवाया कि भैये जेएनआई वालो से पूछो जीत का अंतर कैसा रहेगा| मतलब कि हार तो चाबी वाले प्रत्याशी ने भी नहीं मानी जिसका ताला ही लोग कुंडे सहित उखाड़ ले गए| खैर मतलब की बात पर आइये|संसद में फर्रुखाबाद कौन नुमाइंदगी करने वाला है| बड़े पैमाने पर किये गए सर्वे में कुल मिलाकर बदलाव बदलाव की सम्भावना नजर नहीं आई|

यकीन नहीं आता तो एक बार फिर से जनता कहिन के सभी बीस एपिसोड देख डालिए| जबाब उसी में छिपा था| चुनाव आयोग का डर न होता तो कब का खुल्लमखुला बता देता| अगर आप एप में पढ़ रहे है तो नीचे विडियो में क्लिक करिए और देख डालिए| सारा सर्वे वहां हुआ, जहाँ भाजपा का गढ़ नहीं था| जिले के लगभग हर कोने में गए मगर भाजपा के गढ़ वाले न तो मोहल्ले में गए और न ही गाँव कस्बे में| हालाँकि फाइनल रिकॉर्ड ईवीएम में कैद है मगर जो कैद है उसे बदलने की सम्भावना नहीं है| इसलिए जान लीजिये समर्थक हो या विपक्षी एक बार फिर से मोदी को ही झेलना है|

मुझे मालूम है कि समर्थक इसे ट्रोल करेंगे और विपक्षी आलोचना| कमेंट बॉक्स में सभी प्रकार की टिप्पणियों का आमंत्रण है मगर गाली भी अगर दीजिये तो भी फर्रुखाबादी मिजाज दिखाइए, जरा शालीनता से| हम प्रकाशित कर देंगे|

जहाँ जहाँ भी हमने सर्वे किये जनता की आवाज को हूबहू पेश कर दिया| भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी को जनता ने बुरा भला कहा था, हमने अभद्र टिप्पणियों को निकाल कर पेश कर दिया| गुस्सा था, मगर दिमाग में मोदी घुसा था| पक्ष और विपक्ष दोनों के दिमाग में| असल में फर्रुखाबाद में भाजपा और वर्तमान सांसद मुकेश राजपूत कहीं चुनाव लड़ ही नहीं रहे थे| चुनाव में जनता ये भी बोल रही थी- वोट सलमान को देंगे/वोट मनोज अग्रवाल को देंगे मगर जीतेंगे मोदी ही| ये कहाँ से आ रहा था, उनके दिमाग में किसने भरा था हमें नहीं मालूम, मगर भरा था| अपवाद स्वरुप यादव बाहुल्य और मुस्लिम बाहुल्य बस्तियों में भी बहुत कम लोगो ने मोदी को हारते हुए कहा|

फर्रुखाबाद की चार विधानसभा के साथ अलीगंज क्षेत्र में हमने कुछ इलाका ही कवर किया| चुन चुन के ठिकाने तलाशे और इनमे चौकाने वाले समीकरण दिख रहे थे| मसलन मोहम्दाबाद के राजेन्द्र नगर गाँव में हमें बताया गया कि वे गठबंधन के साथ है तो आसपास के गाँव में ऐसे हालात नहीं थे| एक बात और कि ये भविष्यवाणी नहीं है| केवल सर्वेक्षण है| और सर्वेक्षण और परिणाम में फरक हो सकता है| इसलिए 4 दिन और सभी जीतिए| हाँ वोटर बूथबार टर्नआउट का आंकलन भी करिए| क्योंकि पिछले 2014 चुनाव में कायमगंज में बड़े बड़े माठाधीशो के बूथ पर ही रिश्तेदार हारे थे और छापने पर जेएनआई को गरियाये थे| सफाई में अपना बूथ ही बदल कर बता रहे थे| छपेंगे इस बार भी, वे नहीं तो दूसरे| जिन जिन प्रधानो ने 50-50 हजार लिए थे मीटिंग कराने के नाम पर हिसाब उनका भी होगा| कुलमिलाकर गठबंधन जिस जातिगत आंकड़े को मिलाकर बनाया गया था उसमे रसायन शास्त्र के नियम नहीं चले| सपा बसपा गठबंधन आयुर्वेदिक और एलोपेथिक फार्मूले को मिक्स कर नया चवनप्राश बनाने की कोशिश थी, फर्रुखाबाद में फेल ही दिखी| प्रत्याशियो के बारे में जनता क्या सोचती है और क्या कहती है इस पर टिपण्णी चुनाव परिणाम के बाद| खुद के आंकलन में भले ही आप सही हो मगर अक्श का नूर आइना ही बताता है| शेष अगले अंक में….

पत्रकारिता दिवस विशेष- मोदी भारत को विश्वगुरु बनाकर छोड़ेंगे

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Posted on : 19-05-2019 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS

(गिरीश लोहानी) नरेंद्र मोदी उन चंद लोगों में हैं जिन्होंने बाल्यकाल से ही भारत को विश्वगुरु बनाने की ठानी है. अपनी शिक्षा के लिये उन्होंने घर छोड़ा और एक ऐसी जादुई डिग्री हासिल कर ली जिसमें वर्ष, विश्वविद्यालय और प्राप्तांक सुविधा के अनुसार बदले जा सकते हैं|

नरेंद्र मोदी के जीवन के कई उदाहरण ऐसे हैं जो बतलाते हैं कि वह एकमात्र जीवित भारतीय हैं जिन्होंने भारत को विश्व गुरु बनाने का प्रण लिया है| गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए नरेंद्र मोदी ने ही गुजरात के बच्चों को बताया कि टेलीविजन का आविष्कार भारत में हुआ है| उन्होंने बताया कि भारत अपनी योग की शक्ति को प्राप्त कर दिव्य दृष्टि प्राप्त कर सकता है| इसी दिव्य दृष्टि की तकनीक को चुरा कर टेलीविजन का आविष्कार किया गया|

भारत का प्रधानमंत्री बनने के बाद मुम्बई में हुए विज्ञान संबंधी एक कार्यक्रम में उन्होंने देश के वैज्ञानिकों को बताया कि प्लास्टिक सर्जरी की खोज भी भारत में हुई थी| अगर नहीं होती तो गणेश भगवान के सिर पर हाथी का सिर कैसे लग जाता? उनकी इस बुद्धिमत्ता पर और बुद्धिमत्ता दिखाते हुए वैज्ञानिकों ने खूब ताली पीटी|

क्या भाषा के क्षेत्र में तू-ता वाली अंग्रेजी की खोज नरेंद्र मोदी को एक महान भाषाविद नहीं बनाती| विश्व में और कितने ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो अंग्रेजी में तू-ता कर सकते हैं? प्रधानमंत्री छोड़िये आप एक आदमी दिखा दीजिये जो अंग्रेजी में तू-ता कर सकता है? भारत के विश्वगुरु बनने की राह का पहला रोड़ा अंग्रेजी भाषा है जिसे भाषाविद नरेंद्र मोदी ने अपनी तू-ता वाली अंग्रेजी से ध्वस्त कर दिया है|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत को विश्व गुरु बनाने का सपना और विज्ञान प्रेम 2019 के चुनावों में देखते बनता है| एक ऐसे समय जब लोग धर्म जातपात के नाम पर चुनाव लड़ रहे हैं नरेंद्र मोदी विज्ञान की बातें करते हैं और दुनिया को बताते हैं कि वह भारत में डिजिटल कैमरा चलाने वाले और सबसे पहले ईमेल में फोटो भेजने वाले, वह पहले व्यक्ति हैं|

उनका विज्ञान प्रेम देखिये उन्होंने 35 साल भीख मांगकर गुजारा किया, कभी जेब में बटुआ नहीं रखा| उनके त्याग और समर्पण से प्रसन्न होकर किसी ने उन्हें डिजिटल कैमरा तौहफे में दे दिया| 35 साल भीख मागने से उनका तेज इतना बड़ गया कि उन्होंने बिना इंटरनेट के दिव्य दृष्टि से इमेल में फोटो भेज दिया| बाकी दुनिया कहती रहे ईमेल कब आया, डिजिटल कैमरा कब आया|

यह नरेंद्र मोदी का बड़प्पन और भारत के प्रति उनका समर्पण है कि वह किसी को नहीं बता रहे हैं कि कैसे वह बादलों के पीछे हवाई जहाज छुपाकर पाकिस्तान ले गये और कैसे उन्होंने गिनती न किये जा सकने वाले आतंकियों को मार गिराया|

ऐसा नहीं है कि भारत को विश्वगुरु बनाने की लड़ाई प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने अकेले लड़ी है इसमें उनका साथ गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा के अनेक नेताओं ने दिया है| गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देश को बतलाया था की नासा वासा कुछ नहीं है विश्व के सबसे महान एस्ट्रोलॉजर धोती वाले पंडित हैं जो पंचांग देखकर सब बता देते हैं|

भारत में उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी लेने वाले मानव संसाधन मंत्रालय के मंत्री सत्यपाल सिंह ने डार्विन की इवोल्यूशन थ्योरी को चुनौती दी और डार्विन के सिद्धांत को कोरी गप्प बताते हुए कहा कि किसी ने आज तक किसी ने वानर को आदमी बनते नहीं देखा|

भारत को विश्वगुरु बनाने की लड़ाई में बिप्लब कुमार देब और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी जैसे महान सैनिक हमेशा याद रखे जायेंगे| बिप्लव बाबू ने देश को इस ज्ञान से अवगत कराया कि भारत ने सैटेलाइट सिस्टम महाभारत काल में ही बना दिया था| उदाहरण में उन्होंने संजय द्वारा किये गए महाभारत के लाइव टेलीकास्ट का वर्णन किया| विजय रुपानी ने नारद और गूगल की तुलना कर देश को बताया की भारत सूचना एवं प्रसारण के क्षेत्र में कितनी उन्नति कर चुका है|

अगर अब भी आपको लगता है नरेंद्र मोदी भारत को विश्वगुरु बनाने के लिये कुछ नहीं कर रहे हैं तो विज्ञान से आपको श्राप दिया जायेगा और आप पल भर में देशद्रोही बन जायेंगे|

पत्रकारिता समाज और राष्ट्र कल्याण के दृष्टिकोण से बेहद सशक्त माध्यम

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Posted on : 19-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: प्राचीन भारत में भी संवाद के आदान-प्रदान की प्रक्रिया गतिमान रही। महर्षि नारद को उनकी भूमिका के लिए आदि पत्रकार माना जाता है। नारद जयंती के उपलक्ष्य में विचार गोष्ठी का आयोजन नगर में किया।
लाल दरवाजा स्थित कलमकार भवन में आयोजित गोष्ठी में नारद जयंती पर पत्रकारिता पर चर्चा हुई|  देवर्षि नारद पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।जिसमे कहा गया कि  पत्रकारिता समाज और राष्ट्र कल्याण के दृष्टिकोण से बेहद सशक्त माध्यम हो सकती है। पत्रकार अपनी भूमिका को अधिकतम उपयोगी बना सकें, यह प्रयास होना चाहिए। देवर्षि नारद ने पत्रकार के रूप में अपना कर्म लोक मंगल को समर्पित रखा। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि इस पात्र को टेलीविजन और फिल्मों में नकारात्मक तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। अपनी संस्कृति और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का कार्य इस पेशे से कैसे हो, यह चिंता की जानी चाहिए। उन्होंने पत्रकार हित में अच्छे कार्यों की भी जरूरत जताई।
पिछले वर्षों में पत्रकारिता के क्षेत्र में आए बदलाव की भी चर्चा की। अपने समय में आदि पत्रकार देवर्षि नारद ने मैदानी रिपोर्टिंग की। हर स्तर पर अपना मूल कार्य करते हुए समुदायगत संवाद स्थापित कर समस्याओं को हल करने में भी उनकी भूमिका रही। आज पत्रकारिता में भारत की रैंकिंग किस पायदान पर है, यह कहने की बात नहीं। इसलिए इस क्षेत्र में सक्रिय लोगों को चिंतन अवश्य करना होगा।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में पत्रकारिता और पत्रकार के सामने की चुनौती पर भी उन्होंने विचारोत्तेजक तथ्य रखे। अध्यक्षता सर्वेन्द्र सिंह इंदु अवस्थी ने व संचालन उपकार मणि ने किया| रविन्द्र भदौरिया, विनोद श्रीवास्तव, राजेश हजेला, संजय गर्ग, सुरेन्द्र पाण्डेय, दीपक सिंह, इमरान हुसैन, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, मोहनलाल गौड़, ओमप्रकाश शुक्ला, चंद्रप्रकाश दीक्षित, राबिन सिंह, प्रीति तिवारी, नलिन श्रीवास्तव, गीता भारद्वाज, रामबाबू रत्नेश, कृष्णकांत अक्षर, निमिष टंडन आदि दर्जनों पत्रकार, साहित्यकार व कविगण मौजूद रहे। 

कार्यशाला में छात्राओं का भविष्य होगा उज्जवल

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Posted on : 19-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, सामाजिक

फर्रुखाबाद: यूथ बेलफेयर सोसाइटी की तरफ से 21 मई को ग्रीष्म कालीन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है| जिसमे विभिन्य प्रकार की विधाओं में छात्राओं को हुनरमंद बनाना है|
कार्यशाला प्रबन्धक शैलजा सारस्वत व अध्यक्ष मोनिका मिश्रा ने बताया की कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सभी वर्गों की महिलाओं व छात्राओं के भविष्य को उज्वल बनाना है| जिससे वह अपने पैरो पर खड़ी हो सकें|कार्यशाला में जुड़ने की रजिस्ट्रेशन फ़ीस भी 100 रूपये रखी गयी है| 
इस कार्यशाला का शुभारम्भ 21 मई से होगा| इस दौरान संस्था के अध्यक्ष अविनाश सारस्वत, उपाध्यक्ष प्रतीक रस्तोगी, गौरी कुशवाह,पुष्पा ,कुशवाह,अर्चिता अग्रवाल,जावनी वर्मा, शीतल राजपूत, मेघा सक्सेना आदि रही| 

 

पति से मुलाकात करने जेल आयी महिला नें किया आत्महत्या का प्रयास

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Posted on : 19-05-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, JAIL, POLICE, सामाजिक

फर्रुखाबाद: जिला जेल फतेहगढ़ में बंद अपने पति से मुलाकात करने आयी महिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया| जिससे उसकी हालत बिगड़ गयी|  उसे आनन-फानन में लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया| जंहा उसका उपचार चल रहा है|
रविवार को थाना मऊदरवाजा के ग्राम अर्रावाजपुर निवासी महिला माधुरी पत्नी धीरेश ठाकुर अपने पति से जिला जेल में मुलाकात करने गयी थी| लेकिन महिला के पास आधार कार्ड नही था जिससे उसकी मुलाकात नही हो सकी| जिसके बाद उसने जेल गेट के निकट ही कुछ जहरीला पदार्थ खा लिया| जानकारी होनें पर हडकंप मच गया| आनन-फानन में उसे 108 एम्बुलेंस से लोहिया अस्पताल भेजा गया|
माधुरी की माँ मीरा देवी पत्नी रामलखन ने बताया कि बीते पांच माह पूर्व किसी पुलिस कर्मी के साथ मारपीट करने के आरोप में दामाद धीरेश कुमार जेल गया था| जिसके बाद माधुरी का पुत्र 3 वर्षीय आदर्श का स्वास्थ्य खराब हो गया था| उसके इलाज में काफी खर्चा होने पर जेबरात भी गिरमी रखने पड़े| आरोप है कि यह खबर जब माधुरी के ससुराल पक्ष को लगी तो उसने माधुरी के साथ मारपीट भी की | इस सम्बन्ध में पति से बात करने माधुरी जेल में जाना चाह रही थी| लेकिन मुलाक़ात नही हो सकी| और आक्रोशित होकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया|

कभी विवाह् हुआ करता था!

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Posted on : 19-05-2019 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS

कभी विवाह् हुआ करता था । घर की बेटियां छत की मुडेर से झाँक कर अपने सपनो का शहजादा खोजने लगती थी और दूर से बाबाजी या दादाजी की नज़र जब परकोटो मे पड़ती थी, तब रात मे घर के बुजुर्गो को बिस्तर पर घर की इज्ज़त की चिंता सताने लगती थी। सभी रिश्तेदारों की शादियों मे दादाजी 5 दिन पहले यूं ही नही जाते थे। अपनी पोती के लिए कोई ह्ष्ठ पुष्ठ सुंदर काया और किसी खानदानी दामाद की तलाश मे जूते घिस जाते थे। शादी 5 दिवसीय होगी या 3 दिवसीय होगी कितने बाराती आयेंगे कितने जीजी होंगे कितने मामा होंगे कितने मौसा होंगे कितने सहबोला होंगे इनकी सूची बनती थी। बारात मे नौटंकी किसकी होगी? आतिशबाजी कहाँ की होगी? सुबह को नास्ते के बाद दोपहर का कच्चा खाना होगा। बड़े रिश्तेदारों को नजर मे क्या मिलेगा? घर के नौकरों के लिए क्या होगा? ननद की ननद के लिए क्या कपड़े होंगे? सास के समधौरे मे क्या जाएगा? सातो जातियों के कामगारों के लिए क्या उपहार होगा? बेटी के बटुए मे क्या रखा जाएगा? शादी से पहले की सबसे बड़ी दोस्त भाभी ससुराल जाने पर क्या क्या करना है और कैसे करना है, सब सिखाने लगती। कैसे शर्माना है। बात बात पर हल्ला कम मचाना, पहले पैर छूना। ज्यादा न-नुकुर न करना। कुछ दिन मे अब ठीक हो जाएगा आदि आदि। एक लम्बी फेरहिस्त है दो अलग अलग कोख से पैदा हुए अलग अलग परिवेश मे पले बड़े अल्हड़ को जननी और जनक बनाने के।

मगर अब जमाना बदल गया है। आज माँ बाप को पता भी नही होता है कि मेरा लाडला या लाडली उनके घर बसने की सोचने से पहले ही बड़े बड़े सपने बुन चुके होते है। सुप्रीम कोर्ट तक इन रिलेशनशिप पर मोहर लगा चुकी है। हो सकता है विवाह कोई इतिहास की घटना बन जाए। बहुत वर्षो बाद स्कूल की किताबो मे इसका पाठ हो कि पहले शादी भी होती थी इस समाज मे। अब खुल्ला छूट है। सब रिश्ते ख़त्म। न कोई भाई न कोई बहन न माँ ना बाप न दादा न पोती न कोई बुआ न कोई जीजा सोचो हम क्या जानवर नही हो जायेंगे। ईश्वर/अल्लाह/मूसा की इस प्रथ्वी पर सबसे सर्वश्रेष्ठ रचना इंसान जानवर होगा। कितना भयानक होगा वो परिद्रश्य !

राशिफल: देखें कैसा रहेगा आज आपका दिन

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Posted on : 19-05-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, सामाजिक

डेस्क: आज के दिन का राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार… हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल
मेष-हित शत्रुओं से सावधान रहें। विवाद में हिस्सा न लें। यात्रा में सावधानी आवश्यक है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। क्रोध व उत्तेजना से काम बिगड़ सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।
वृष-विवाद में हिस्सा न लें, बात बिगड़ सकती है। कुंआरों को विवाह का प्रस्ताव मिल सकता है। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। किसी तरह के मामले में अपना पक्ष मजबूती से रख पाएंगे। मनोरंजन के साधन मिलेंगे।
मिथुन-किसी प्रकार से धनहानि हो सकती है। शारीरिक कष्ट से कार्य में बाधा उत्पन्न हो सकती है। विरोधी सक्रिय रहेंगे। आय के मामले में भाग्य अनुकूल रहेगा। भूमि व भवन संबंधी कार्य लाभदायक रहेंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी।
कर्क-धनलाभ के अवसर सहज ही प्राप्त होंगे। रचनात्मक कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।
सिंह-किसी कार्य के प्रति चिंता रहेगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दु:खद समाचार मिल सकता है। विवेक से कार्य करें। भावना में बहकर कोई निर्णय न लें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा।
कन्या-प्रयास सफल रहेंगे। समाजसेवा करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। आराम व मनोरंजन का अवसर प्राप्त होगा। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। हितशत्रुओं से सावधानी आवश्यक है। विवाद से बचें।
तुला-किसी भी प्रकार से धनहानि के योग हैं। अत: सावधान रहें। शारीरिक कष्ट के प्रति लापरवाही न करें। घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। बाहर जाने का मन करेगा। मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। विवाद न करें।
वृश्चिक-पारिवारिक चिंता रहेगी। स्वयं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। रोजगार प्राप्ति के प्रयास किसी प्रभावशाली व्यक्ति के सहयोग से पूरे होंगे। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।
धनु-किसी तरह की बहस से बचें। क्लेश हो सकता है। उतावलेपन से बचें। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से हानि होगी। लेन-देन में धोखा खा सकते हैं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। घर में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी।
मकर-बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। संतान पक्ष की चिंता रहेगी। शत्रु नतमस्तक होंगे। विवाद को तूल न दें। किसी मनोरंजक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। आराम का अवसर प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा।
कुंभ-प्रतिष्ठा व पराक्रम में वृद्धि होगी। असहाय लोगों की सहायता करने की इच्‍छा पूर्ण हो सकती है। मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। मित्रों के साथ जीवन सुखमय व्यतीत होगा। आर्थिक उन्नति के लिए नई योजना बना सकते हैं।
मीन-भागदौड़ रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। किसी लंबे समय से अटके काम के पूरे होने के योग हैं। छोटी-मोटी यात्रा हो सकती है। मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।