जिले में धूमधाम से मनाई गयी अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती

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Posted on : 07-05-2019 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: जिले में परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया धूमधाम से मनाई गयी| वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया के नाम से भी जाना जाता है| इस दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का भी जन्म हुआ था| परशुराम ऋषि जमदग्नि और रेणुका के पुत्र थे| परशुराम भगवान शिव के परमभक्त होने के साथ न्याय के देवता भी माने जाते हैं| उन्होंने क्रोध में न सिर्फ 21 बार इस धरती को क्षत्रिय विहीन किया बल्कि भगवान गणेश भी उनके गुस्से का शिकार हो चुके हैं| 

ब्राह्मण समाज जन सेवा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भगवान् गणेश के पूजन के साथ ही अक्षय तृतीया का शुभारम्भ किया| इस दौरान हवन का आयोजन किया गया जिसमे प्रमुख रूप से नारायन दत्त, अतुल मिश्रा, नीरज सर्स्व्कात, अखिलेश अग्निहोत्री, मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, पप्पू बाजपाई, डब्बन, अवनीश मिश्रा, अरुण मिश्रा आदि ने प्रतिभाग किया|

ब्रह्रावैवर्त पुराण के अनुसार, परशुराम एक बार भगवान शिव से मिलने उनके कैलाश पर्वत पहुंच गए| लेकिन वहां उन्हें रास्ते में ही उऩके पुत्र भगवान गणेश ने रोक दिया| इस बात से क्रोधित होकर उन्होंने अपने फरसे से भगवान गणेश का एक दांत तोड़ दिया था| जिसके बाद भगवान गणेश एकदंत कहलाए|

त्रेतायुग में सीता स्वयंवर के दौरान टूटने वाला धनुष भगवान परशुराम का ही था| अपने धनुष के टूटने से क्रोधित परशुराम का जब लक्ष्मण के साथ संवाद हुआ तो भगवान श्री राम ने परशुराम जी को अपना सुदर्शन चक्र सौंप दिया था| यह वहीं सुदर्शन चक्र था जो द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण के पास था|

महाभारत से जुड़ीं प्रचलित कथाओं के अनुसार भीष्म पितामह परशुराम के ही शिष्य थे| एक बार जब भीष्म ने अपने छोटे भाई से विवाह करवाने के लिए काशीराज की तीनों बेटियों अंबा, अंबिका और अंबालिका का हरण कर लिया| लेकिन जब अंबा ने भीष्म को बताया कि वह राजा शाल्व से प्रेम करती हैं, तो भीष्म ने उसे छोड़ दिया| लेकिन शाल्व ने अंबा के हरण होने के बाद उससे विवाह करन से इंकार कर दिया|

यक्षप्रश्न- क्या सरकार खुद करा रही भ्रष्टाचार?

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Posted on : 07-05-2019 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: जरुरी नहीं कि सत्ता बदलने के बाद सब कुछ बदल गया| और ऐसा भी नहीं कि कुछ नहीं बदला| मगर जितना बदलना चाहिए उतना नहीं बदला| बदलने पर गौर करे तो जीवन की सबसे न्यूनतम जरूरतों में स्वास्थ्य, शिक्षा और भोजन में सबसे पहले बदलाब की जरुरत थी| इन तीनो की अगर तुलना करे तो सबसे बड़ा बदलाब खाद्य एवं आपूर्ति में आया और सबसे कम या कहें न के बराबर शिक्षा में|

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अंतर्गत चलने वाली सस्ते राशन की दुकानों पर जहाँ दो साल पहले ज्यादातर केवल त्योहारों पर चीनी मिलने को ही राशन वितरण मान लिया जाता था वही व्यवस्था अब कम से कम हर माह राशन बटने की तो हो ही गयी है| खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार की व्यवस्था नीचे से शुरू होकर जिले के टॉप तक थी| मगर इसमें अब कुछ कमी आई है| ये बात और है कि राशन बटने में अब भ्रष्टाचार केवल कम यूनिट का राशन देकर या घटतौली कर किया जाता है और स्कूलों में बटने वाले राशन में गोलमाल करके किया जा रहा है| लेकिन भैस सहित खोया वाली स्थिति अब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की नहीं बची|

व्यवस्था सुधारने में भागीरथी प्रयत्न क्यों नहीं करते आप?

बात अगर शिक्षा की करे तो इसमें प्राथमिक शिक्षा में कोई बदलाव नहीं आया| जो शिक्षक पढ़ाने के शौक़ीन है वे पहले भी पढ़ाते थे और अब भी पढ़ाते है| जो पहले भी बिना पढ़ाए वेतन लेते थे वे आज भी लेते है| जो मास्टर सिर्फ विभाग की ठेकेदारी पहले करते थे वे आज भी करते है| पहले भी बेसिक शिक्षा अधिकारी लाखो लगाकर आता था आज भी आता है| पहले भी ड्रेस, खेल कूद का सामान और पठन पाठन सामग्री में लोग ठेकेदारी करते थे अब भी करते है| कोई स्वीटर में चोरी करता है तो कोई जूते में अपनी आर्थिक सम्रद्धि देख रहा है| कोई पुताई में तो कोई प्रशिक्षण कराने में| कुल मिलाकर प्राथमिक शिक्षा में कोई बदलाव नहीं आया पहले भी प्राइवेट स्कूलों में किताबो का धंधा होता था इस साल भी हुआ| ऐसा नहीं कि अफसर नहीं जानते| जिले के सारे अफसर जानते है| आखिर इनके बच्चे भी किसी न किसी कान्वेंट स्कूल में ही पढ़ते है| मगर ये व्यवस्था सुधारने में भागीरथी प्रयत्न नहीं करते| सवाल यही है कि आखिर क्यों? क्या इस पूरे भ्रष्ट तंत्र में ये हिस्सेदार होते है या फिर एक कड़ी भर| सवाल उठाना लाजिमी है क्योंकि बच्चे जब टीवी पर भ्रष्टाचार या कुछ गलत देखते है तो सवाल करते है कि पापा फलां अफसर व्यवस्था क्यों सही नहीं करते|

बात ये सब उठी है तो उसके पीछे कुछ तार्किक तथ्य है| मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग में चलने वाली एक अध्यापको की यूनियन राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौप जो मांगे सौपी वे अपने आप में कई सवाल खड़े करती है|

ज्ञापन के अनुसार स्कूलों में बनने वाले मिड डे मील के लिए दिया जाने वाला गेंहू अक्टूबर, नवम्बर और दिसम्बर माह का आया ही नहीं| तो फिर बच्चो को मिड डे मील कहाँ से दिया गया या उनके लिए खाना कहाँ से बना? अब अगर बना नहीं तो रिपोर्ट क्या फर्जी थी? और अगर बना तो उसके लिए गेंहू कहाँ से आया? अगर मास्टर ने अपनी जेब से बनबाया तो फिर हर विभाग में कर्मचारी और अधिकारी को यही करना चाहिए| स्वास्थ्य विभाग में दवाइयां कम पड़ने पर डॉक्टर को अपनी जेब से खरीद कर इलाज करना चाहिए, अगर एक मास्टर अपने बच्चो का पेट अपनी जेब से भर सकता है तो फिर डॉक्टर तो प्राइवेट प्रक्टिस कर उपरी कमाई भी कर लेता है वो दवाई अपनी जेब से क्यों नहीं बाट सकता? मगर सवाल इस बात का नहीं है कि क्या सही है और क्या गलत? सवाल तो उन अफसरों पर जो जिले की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिले में भेजे जाते है| मगर वे जिले में आम आदमी की न्यूनतम जरूरतों को पूरा करने में प्रयास करने की जगह अपने अधिकतम में लग जाते है क्या?

ज्ञापन के अनुसार वर्ष 2017-18 में बाटी गयी निशुल्क ड्रेस का 25%भुगतान आज भी लगभग 350 स्कूलों का शेष है? 2018-19 के वित्तीय वर्ष में जूनियर स्कूलों की ड्रेस का 25% बाकी है| ये पैसा विद्यालय प्रबंध समिति के खातो में जाता है और उसके माध्यम से चेक द्वारा भुगतान होता है| शिक्षको का 2 वर्ष का बोनस नहीं दिया गया ऐसा भी ज्ञापन में लिखा है| तो सवाल ये है कि आप शिक्षको पर शिकंजा क्या सिर्फ उनकी गलतियों से वसूली के लिए कसना चाहते है? क्योंकि उनकी उपरोक्त जायज शिकायतों के लिए जिम्मेदार तो अफसर ही है| और अगर उपरोक्त मामलो में भ्रष्टाचार था तो उसकी मलाई भी आपने चाटी थी ये भी आज सोशल मीडिया के जमाने छिपा नहीं है… खैर मर्जी आपकी व्यवस्था सुधारो या फजीहत कराओ………………..

कठेरिया का बेटा तिवारी कैसे? यही साबित न कर पाने में फस गया टप्पेबाज

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Posted on : 07-05-2019 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: कैनरा बैंक की आवास विकास शाखा में एक टप्पेबाज किसी तीसरे के खाते से पैसा उड़ाने के चक्कर में दबोच लिया गया| पढ़ा लिखा कम होने के कारण चेक इस्तेमाल के नए तरीके से वाकिफ न होने की वजह से कैशियर के सवाल जबाब में फसा तिवारी कठेरिया को अपना बाप साबित करने में फेल होकर फस गया| पुलिस के शिकंजे में आने के बाद टप्पेबाज ने कबूला कि उसने आज ही किसी पोस्टमैन का झोला उड़ाया था जिसमे उसे चेक बुक मिली थी|

मंगलवार दोपहर आवास विकास की कैनरा बैंक की ब्रांच में एक अधेड़ एक चेक से भुगतान लेने के लिए काउंटर पर पंहुचा| सुनीता के नाम से जारी चेक पर सरला के हस्ताक्षर कर धारक में खुद का नाम रवि तिवारी डाल भुगतान के लिए काउंटर पर चेक प्रस्तुत किया ही था कि कैशियर को कुछ शक हो गया| कैशियर ने चेक देने वाले से पूछ दिया कि चेक किसने दिया तो उसने बताया कि पिताजी ने दिया| अब मामला और शक में फसा|

बाप की जात गलत बताने- के चक्कर में फस गया, बड़े नेता का बेटा होता तो शायद न फसता

भुगतान लेने वाले का नाम रवि तिवारी लिखा था और बैंक में खाता धारक में सुनीता पत्नी भुपेश कठेरिया का नाम था| बैंक कर्मी के सवाल पूछने पर टप्पेबाज ने बताया था कि उसे उसके पिता ने चेक काट कर दी है भुगतान लाने के लिए| अब तिवारी और कठेरिया बाप बेटा कैसे हो गए इस पर कैशियर का माथा ठनक गया|“व्यंग- अब टप्पेबाज ठहरा गरीब सो फस गया वर्ना यदि यही मामला राजनीति में किसी बड़ी हस्ती का होता तो उसमे कठेरिया क्या कोई भी जात या धर्म का का बाप हो सकता था? अब मामला छोटे आदमी यानि आम आदमी का था सो फस गया?” कैशियर के शक करते ही खुद को रवि तिवारी बताने वाला भागने लगा तो बैंक के गार्ड ने दबोच लिया और 100 न० डायल कर पुलिस बुला ली|

आज ही ताजा ताजा झोला साफ़ किया था टप्पेबाज ने-

दरअसल में लोहिया अस्पताल में डाक बाटने गए एक पोस्टमैन का झोला दोपहर 11 बजे इस टप्पेबाज ने पार कर दिया| झोले में चेक बुक थी सो उसने तुरंत ही गणित बैठा ली कि कुछ माल निकाल लिया जाए| मगर आज की हाईटेक बैंकिंग में किसी की चेक से पैसा निकाल लेना इतना आसान नहीं ये बात बेबकूफ टप्पेबाज की समझ से परे थी लिहाजा फस गया| चेक बुक से खाते का मिलान कर पता किया गया तो पता चला कि अमुक चेक तो अभी बैंक से भेजी गयी नई चेक बुक से है और जो ट्रैक रिकॉर्ड के हिसाब से अभी डाकिये के पास ही है| इस पर बैंक ने डाकखाने फोन किया तो पता चला कि आज ही कुछ घंटे पहले डाक बाबु का झोला किसी टप्पेबाज ने लोहिया अस्पताल से उड़ा दिया था|डाक बाबू अलग परेशान घूम रहे थे| मगर बैंक कर्मी देवेश अवस्थी की चतुराई से कई मामले हल हो गए| यहाँ गुड वर्क का इनाम देवेश अवस्थी को मिलना चाहिए|

खुद को रवि तिवारी बताने वाला हाल निवासी खड़ियाई बता रहा है और रहने वाला मुड़गाँव का बता रहा है| वैसे कई दिन से नगर में कई वारदात हो चुकी है| पुलिस को बैंक कर्मी के सहारे ही सही मामले निपटाने के लिए एक मुर्गा तो मिल ही गया| अब देखते है कितने केस निपटते है खुद को रवि तिवारी बताने वाले से…

करंट लगने से बैंक मित्र/टेंट मालिक की मौत

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Posted on : 07-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: मंगलवार सुबह थाना अम्रतपुर क्षेत्र के पिथनापुर निवासी धर्मेन्द्र की मौत करंट लगने से हो गयी| धर्मेन्द्र राजपुर  में ग्रामीण बैंक का बैंक मित्र भी था और टेंट का भी काम करता था| मामले में अम्रतपुर के थानाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार ने मौके पर पहुच शव का पंचनामा आदि भरने की कार्यवाही निपटाई| 

धर्मेन्द्र पुत्र सत्यपाल यादव निवासी पिथनापुर फर्रुखाबाद जनपद के तहसील अमृतपुर का रहने वाला था और राजपुर कस्बे में ग्रामीण बैंक का किओस्क चलाता था| बैंक मित्र के साथ साथ धर्मेन्द्र टेंट हाउस का भी काम करता था| उसके खुद के गाँव पिथनापुर में ही बीती रात उसने सुभाष ठाकुर की पुत्री के विवाह में टेंट लगाया था, जिसे वो मंगलवार की सुबह को खोल रहा था| टेंट खोलने के दौरान ही बिजली के तारो से टेंट का पाइप टकरा गया और धर्मेन्द्र को करंट लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गयी| सूचना पर पहुची अमृतपुर थानाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार ने शव का पंचनामा भरवाया

रोजगार के अवसर- देश की सातवी आर्थिक जनगणना का काम जून में शुरू होगा, गणनाकारो की भर्ती शुरू

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Posted on : 07-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: देश की सातवी आर्थिक जनगणना का काम जून में शुरू हो जायेगा| इसी आर्थिक सर्वेक्षण से देश में विकास के लिए योजनाये बनायीं जाती है| तमाम सरकारी सहायता की स्कीमो में भी लाभार्थी इसी सर्वेक्षण के आधार पर चुने जाते है| हाल ही में केंद्र सरकार की 5 लाख की मुफ्त स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत आयुष्मान कार्ड के लिए चयन इसी सर्वेक्षण के आधार पर  भी किया गया था|

इससे पहले छटा सर्वेक्षण वर्ष 2013 में किया गया था| सर्वेक्षण में हर घर और व्यापारिक स्थापना की गिनती की जाती है| हर स्थापना की आर्थिक स्थिति की गणना की जाती है| इस बार का सर्वेक्षण काफी मायनों में अलग  होने वाला है| इस बार की गणना मोबाइल पर एप के माध्यम से होगी जिसमे जीपीएस भी आन रहेगा| यानी कि पिछले वर्षो की तरह घर में बैठ कर कोई गणनाकर फर्जी गणना नहीं कर सकेगा| इन दिनों गणनाकारो की भर्ती, प्रशिक्षण और परीक्षा का काम चल रहा है| इसमें गणनाकर बनने के लिए ऑनलाइन परीक्षा देनी होती है| परीक्षा पास करने पर ही किसी को गणना करने का मौका मिलेगा| फर्रुखाबाद जिले में सर्वेक्षण का काम करने के लिए गणनाकारो की भर्ती का काम जेएनआई कॉमन सर्विस सेण्टरशुरू हो चूका है| जेएनआई के आवास विकास स्थित कॉमन सर्विस सेण्टर पर कोई भी सर्वेक्षण का काम करने का इच्छुक व्यक्ति अपना पंजीकरण करा सकता है और उसको उसके आसपास का ही काम दिया जायेगा| पंजीकरण के लिए अपना फोटो, आधार और उच्च योग्यता की मार्कशीट लेकर जाए| गणनाकर के लिए न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट है और उम्र की कोई सीमा नहीं है| इसे सुबह शाम पार्ट टाइम में भी किया जा सकता है|

राशिफल:देखें कैसा रहेगा आज आपका दिन

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Posted on : 07-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, धार्मिक, सामाजिक

डेस्क:आज के दिन का राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार… हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल
मेष-भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। किसी बड़े कार्य को करने की इच्छा जागृत होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनु्कूल लाभ देगा। बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें।
वृष-भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। किसी लंबी यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। नए उपक्रम प्रारंभ हो सकते हैं। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। होगी। स्वास्थ्‍य अच्‍छा रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।
मिथुन-भावना में बहकर कोई निर्णय न लें। फालतू खर्च होगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। बनते काम बिगड़ सकते हैं। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। धैर्य रखें।
कर्क-डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नए व्यापारिक अनुबंध हो सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में रुतबा बढ़ेगा। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। समय अनुकूल है। शेयर मार्केट से लाभ होगा।
सिंह-कमजोर व्यक्तियों की सहायता करने की इच्छा जागृत होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। रुके कार्यों में गति आएगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। नौकरी में सम्मान मिलेगा।। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
कन्या-कानूनी अड़चन दूर होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हित-शत्रुओं से सावधान रहें। धन प्राप्ति सुगम होगी। तीर्थदर्शन संभव है।
तुला-जल्दबाजी में किए गए कार्य कोई बड़ी हानि का कारण हो सकते हैं। दुष्टजनों से दूर रहें। वाणी पर नियंत्रण रखें। बनते कामों में बाधा आएगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों से अपेक्षा न करें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में तनाव रह सकता है।
वृश्चिक-प्रेम-प्रसंग अनुकूल रहेंगे। राजकीय बाधा दूर होकर मनोनुकूल स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। भाग्य का साथ रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। प्रसन्नता रहेगी।
धनु-स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। समय की अनुकूलता का लाभ लें। पारिवारिक चिंता में वृद्धि होगी।
मकर-पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है। निवेश से लाभ होगा। नौकरी में कोई नया कार्य कर पाएंगे।
कुंभ-किसी बुरी खबर के मिलने से खिन्नता रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। अपने बुद्धिबल से बाधा दूर कर पाएंगे। विवाद न करें। नौकरी में कार्यभार रहेगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। व्यापार ठीक चलेगा।
मीन-मेहनत का फल पूरा-पूरा प्राप्त होगा। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। व्यापार से मनोनुकूल लाभ होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से मनोनुकूल लाभ होगा।