सीएम योगी के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के घर पर पुलिस का छापा

0

Posted on : 23-04-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics- Sapaa, Politics-BJP

बदायूं:समाजवादी पार्टी के सांसद तथा लोकसभा चुनाव 2019 में बदायूं से पार्टी के प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव की शिकायत पर योगी आदित्यनाथ के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के घर पर आज पुलिस ने छापा मारा है। धर्मेंद्र यादव का आरोप है कि बदायूं में उनके घर पर अराजक तत्व छुपे हैं।
धर्मेंद्र यादव ने सवाल भी पूछा कि आखिर किस हैसियत से स्वामी प्रसाद मौर्या जिले में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी संघप्रिया गौतम की खातिर चुनाव प्रभावित कर रहे हैं। सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर एवं सिटी मजिस्ट्रेट ने संयुक्त रूप से पुलिस बल के साथ छापामारी की, लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य अपने आवास पर नहीं मिले। इसके अलावा सीओ सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट ने शहर के कई होटलों में छापामारी की जिससे अफरातफरी का माहौल रहा।
बदायूं में स्वामी प्रसाद मौर्य के आवास विकास कालोनी के आवास में बाहरी लोगों के रुके होने की सूचना पर पुलिस ने छापामारी की। इसी आवास में भाजपा प्रत्याशी संघमित्रा भी रहती हैं। पिता कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के रुके होने की बात सपा प्रत्याशी सांसद धर्मेंद्र यादव ने मीडिया से की थी। भाजपा प्रत्याशी संघमित्रा मौर्य के पिता स्वामी प्रसाद मौर्य किराये के घर पर रह रहे हैं।
सीओ सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट ने छापेमारी की है। बदायूं से सपा उम्मीदवार धर्मेंद्र यादव ने भाजपा प्रत्याशी संघमित्रा मौर्या के पिता मंत्री स्वामी प्रसाद की चुनाव आयोग से शिकायत की है। आरोप है हूटर लगी गाड़ियों में स्वामी प्रसाद विधानसभा सहसवान में घूमकर मतदाताओं को प्रभावित कर रहे हैं। जिसका संज्ञान लेकर आयोग की टीम ने स्वामी प्रसाद के आवास पर छापेमारी की है।
इसी वजह से पुलिस पहुंची थी। जब पुलिस ने छापा मारा तो उस समय आवास में स्वामी प्रसाद मौर्य नहीं थे। उनकी गाड़ी जरूर आवास पर खड़ी थी। आवास में कोई अन्य भी नही मिला। फिलहाल पुलिस की एक टीम को वहां पर तैनात कर दिया गया है।

भाजपा प्रत्याशी के लिये कुर्मी समाज को एकजुट करेंगी अनुप्रिया

0

Posted on : 23-04-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद:भाजपा से लोकसभा प्रत्याशी मुकेश राजपूत के समर्थन में कुर्मी समाज को एक जुट करने के प्रयास में केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल जनसभा करेंगी|
जनपद  में शमसाबाद,कंपिल व कायमगंज का क्षेत्र कुर्मी बाहुल्य है| इसमे से कुछ क्षेत्र अमृतपुर व  कायमगंज विधानसभा में आता है| जंहा बुधवार को केन्द्रीय मंत्री व अपना दल (एस) नेता अनुप्रिया पटेल कायमगंज विधानसभा के फैजबाग़ में एक गेस्ट हाउस पंहुचेगी| जंहा भाजपा के पक्ष में कुर्मी समाज को एक जुट करने का प्रयास किया जायेगा|

सीएम योगी का बाप बोलने में पूर्व विदेश मंत्री के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

0

Posted on : 23-04-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, लोकसभा चुनाव 2019

फर्रुखाबाद:पूर्व विदेश मंत्री व कांग्रेस के प्रत्याशी सलमान खुर्शीद के खिलाफ शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी| जिसमे सलमान खुर्शीद के द्वारा योगी का बाप कहने के खिलाफ कार्यवाही का जिक्र किया गया है|पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली|
बीते दो दिन पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सलमान खुर्शीद के द्वारा एक प्रेस वार्ता में कहा था कि रिश्ते में तो हम योगी के बाप लगते है|इस वयान ने फ़िलहाल सियासी भूचाल मचा दिया है| सियासी जानकार सलमान के इस वयान को मुस्लिम मतदाताओ को अपने तरफ मिलने का एक फार्मूला बता रहे है| लेकिन हालात कुछ भी हो इस वयान की चर्चा जोरों पर है|
बीते दिन इस विवादित वयान से चुनावी आग में घी का काम किया| विश्व हिन्दू महासंघ ने सलमान का पुतला फूंका और मंगलवार को शहर कोतवाली में सलमान सलमान खुर्शीद के खिलाफ तहरीर दी और मुकदमा दर्ज करने की मांग की|विश्व हिन्दू महासंघ के नेता सौरभ सौरभ शुक्ला व अविनाश दुबे आदि ने तहरीर दी| पुलिस  ने तहरीर के आधार पर पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के खिलाफ 171 जी और 298 के तहत रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज की गयी है|

जनता कहिन-13 प्रचार के 11 दिन बाद कितना बदला माहौल फर्रुखाबाद नगर क्षेत्र में

0

Posted on : 23-04-2019 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद में चुनावी नैया पार लगाने को नेताजी क्या क्या जुगत नहीं कर रहे है| कोई अभिनेत्री को 38 डिग्री तापमान में गली गली वोट मांगने के लिए घुमा रहा है तो कोई बड़े नेता की सभा कराकर वोट की अपील करवा रहा है| बिना सर पैर के बयान देकर सुर्खियाँ बटोरने की जुगाड़ में नेताजी को अभी तक ग़लतफ़हमी है कि जनता अपना दिमाग नहीं लगा रही| कांग्रेस खोई जमीन को दुबारा से हरा भरा करने की कोशिश लगभग न के बराबर कर रही है| वैसे दूसरे से भटके और नाराज वोटो की संख्या भी इस बार के चुनाव में कम नहीं है| जिस पार्टी का खुद का प्रत्याशी नहीं है उसका वोटर स्वतंत्र है| वैसे भी वोटर को खुद फैसला लेने का अधिकार जो है| और वोट लेने और दिलाने में बहुत फर्क होता है| 46 प्रतिशत वोट पाने के फार्मूले पर बना गठबंधन आन्तरिक भितरघात का शिकार हो रहा है| अब एक साथ समाजवादी पार्टी और बसपा दोनों के कार्यकर्ता को एक साथ बिठा पाना मेढक को तौलने से कम नहीं है| 

भाजपा में मोदी सब पर भारी हैं| सांसद मुकेश राजपूत और पूर्व सांसद सलमान खुर्शीद दोनों से जनता खूब नाराज है और जनता कहिन शो की विडियो रिकॉर्डिंग करते खूब खरी खोटी सुनाती है| मगर फिर भी मोदी के लिए वोट देने की बात कहती है| फिर भी जनता की बात को हूबहू आप तक पहुचाने का प्रयास किया है| अगर आप ध्यानपूर्वक सभी एपिसोड पूरे देख लेंगे तो काफी कुछ आंकलन खुद कर सकते है| फिर भी अभी 4 दिन प्रचार के बाकी है और चुनाव तो कभी कभी एक रात में बदल जाता है|

मतदान की तारीख करीब आ रही है, जनता का रुख कुछ कुछ साफ़ हो रहा है| ऐसा लगता है कि सभी नेता अभी भी जीत के मुगालते में है| भाजपा, सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस के बीच मुकाबले में एक फैक्टर शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा यानि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का भी है| किसका वोट और कितना वोट कम करेगा प्रसपा इसका सही सही आंकलन मिलने में अभी दो-तीन दिन का वक्त लगेगा| जनता कहिन के 13वे  एपिसोड में आम जनता का रुझान कुछ कुछ साफ नजर आने लगा है। अब मतदान में केवल 6 दिन बचे है। 

वर्तमान सांसद मुकेश राजपूत को मिलेगा दुबारा मौका या फिर मनोज मार ले जायेंगे बाजी, सलमान खुर्शीद के फिर से सांसद बनने के कितने है चांस| शिवपाल की पार्टी प्रगतिशील गठबंधन का नगर फर्रुखाबाद में क्या है बोलबाला? सब जानिये आज के एपिडोस में- फर्रुखाबाद लोकसभा के नगर क्षेत्र में कई अल्पसंख्यक बाहुल्य मुहल्लों में चुनावी हवा…

राहुल के जवाब से सुप्रीम कोर्ट असंतुष्ट ‘चौकीदार चोर है’ वाले बयान पर भेजा एक और नोटिस

0

Posted on : 23-04-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-CONG., सामाजिक

नई दिल्‍ली:सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की अवमानना याचिका पर सुनवाई की। राहुल गांधी ने कल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर के ‘चौकीदार चोर है’ वाले बयान पर खेद जताया था। लेकिन, सर्वोच्‍च न्‍यायालय राहुल गांधी के जवाब से संतुष्‍ट नहीं हुआ और उसने कांग्रेस अध्‍यक्ष को दोबारा नोटिस जारी किया। शीर्ष अदालत अब इस मामले में 30 अप्रैल को सुनवाई करेगी। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की ओर से पैरवी कर रहे वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भाजपा नेताओं पर इस मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही राहुल गांधी के हलफनामे में उन नेताओं के बयानों के दिए ब्योरे की ओर भी अदालत का ध्यान आकर्षित किया। दलीलों के दौरान जब राहुल के वकील सिंघवी ने कहा कि कोर्ट ने उनसे केवल स्पष्टीकरण मांगा था जो दिया जा चुका है। इस पर सीजेआई ने कहा कि यदि आप कह रहे हैं कि नोटिस नहीं जारी हुआ तो अब हम नोटिस जारी कर रहे हैं। इसके साथ ही अदालत ने राहुल को नोटिस जारी कर दिया।
दूसरी ओर, याचिकाकर्ता मीनाक्षी लेखी के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि राहुल ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का आदेश देखे बिना ही पत्रकारों से ऐसा कह दिया था। उन्होंने यह भी माना है कि शीर्ष अदालत के आदेश में ऐसा नहीं था। राहुल गांधी ने अपने जवाब में दिए गए बयान पर जिस तरह से खेद जताया है, उसे माफी मांगना नहीं कहा जा सकता है।
बता दें कि राफेल डील पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों केंद्र सरकार को तगड़ा झटका दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सरकार की आपत्तियों को खारिज कर दिया था। साथ ही अदालत ने पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राफेल डील से संबंधित तीन दस्तावेजों को सबूत के तौर पर स्वीकार करने की अनुमति प्रदान कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट इन दस्तावेजों के आधार पर पुनर्विचार याचिका पर आगे की सुनवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में कांग्रेस के ‘चौकीदार चोर है’ के आरोप पर मुहर लगा दी है। इसके बाद भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर राहुल गांधी के बयान को अदालत की अवमानना बताया था। इसके बाद सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने इस याचिका पर कांग्रेस अध्‍यक्ष से जवाब मांगा था।
चुनावी घमासान के बीच राहुल गांधी ने कल सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताया था। कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा था कि उन्‍होंने आवेश में आकर यह बयान दिया था, जिसे विरोधी खेमे की ओर से गलत ढंग से प्रचारित किया गया। उनका इरादा शीर्ष अदालत की साख को कमजोर करने का नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले को भी राफेल की पुनर्विचार याचिका के साथ अगले मंगलवार को सुनवाई के लिए लगाने का निर्देश दिया है।