प्रसपा के गढ़ में सेंधमारी का प्रयास करेंगे अखिलेश

0

फर्रुखाबाद:(मेरापुर) सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व उनकी पत्नी डिम्पल यादव की जनसभा को लेकर एसपी खुद सभा स्थल पंहुचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया|
मेरापुर क्षेत्र के अचरा में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की जनसभा 17 अप्रैल को प्रस्तावित है| जिसके चलते उनके सभा स्थल अचरा चौराहा के निकट एसपी डॉ0 अनिल कुमार मिश्रा व एएसपी त्रिभुवन सिंह ने मौके पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया|
सभा एस्थल के निकट ही उनका हेलीपैड बनाया जा रहा है| एंबुलेंस पीने के पानी के लिए की समुचित व्यवस्था कराये जाने को कहा|बताया जा रहा है कि अखिलेश प्रसपा प्रत्याशी के वोटों में सभा से सेंध लगाने का प्रयास करेंगे|जिस जगह अखिलेश की सभा हो रही है वह यादव बाहुल्य इलाका है|इस दौरान थानाध्यक्ष महेन्द्र त्रिपाठी,चौकी इंचार्ज भानू प्रताप आदि रहे|
किसान की फसल नष्ट कर बन रहा अखिलेश का हैलीपैड
अखिलेश यादव का हैलीपैड जिस खेत में बन रहा है वह खलवारा निवासी सूबेदार यादव का खेत है और उसमे उर्द की फसल खड़ी है| उसे नष्ट कर हैलीपैड बनाया जा रहा है|

गौसन में बंद 9 गायों की मौत पर हंगामा

0

फर्रुखाबाद:गौसदन में बंद एक साथ नौ गायों की मौत की सूचना पर पंहुचे कुछ हिन्दू संगठन के नेताओं के साथ गौसदन के कर्मियो की नोकझोंक हो गयी|
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम कटरी धर्मपुर में बने गौसदन में पालिका के द्वारा पकड़कर लायी गयी गायों और गौवंशो को बंद किया गया था| बीते कुछ माह पूर्व भी गौसदन में तकरीबन एक सैकड़ा गायों की मौत हो गयी थी| जिसके  बाद जेएनआई ने गौसदन के खिलाफ अभियान चलाया था| खबर के बाद मामला शासन तक चला गया और गौसदन में गायों को चारा,पानी और दवा की व्यवस्था दुरस्त की गयी थी|
लेकिन कुछ महीने बाद ही व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर आ गयी| सोमबार को पुन: गौससदन में 9 गायों की मौत होजाने का मामला सामने आया है| सूचना मिलने पर गौरक्षा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अतुल शर्मा पंहुचे तो उनकी गौसदन कर्मियों में नोकझोंक हो गयी| बताया जा रहा है कि गौसदन की गायों की मौत अनदेखी से होना बतायी जा रही है|

मतदाता जागरूकता के लिए प्रशासन और मीडिया में मैत्री मैच

0

फर्रुखाबाद:मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन और मीडिया के बीच क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया| जिसमे जिला प्रशासन की टीम विजेता और मीडिया की टीम उपविजेता रही|
फतेहगढ़ के स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी मैदान में आयोजित मैच का मीडिया की टीम ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी ना करने का फैसला किया| इसके बाद जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बल्लेबाजी कर मैच का शुभारम्भ कराया|
जिला प्रशासन की तरफ से 121 रनों का लक्ष्य मीडिया की टीम के लिए रखा गया| जिसके जबाब में मीडिया की टीम 90 रन ही बना सकी| जिला प्रशासन ने मीडिया की टीम को 31 रनों से हरा दिया| जिसके बाद सीडीओ राजेन्द्र पैंसिया ने विजेता टीम के कप्तान एसडीएम सदर अमित आसेरी व उप विजेता मीडिया टीम के कप्तान टिंकू दीक्षित को ट्राफी भेंट की|
इस दौरान अतिरिक्त एसडीएम ईशान प्रताप सिंह,सुरजीत कुमार,अतुल तिवारी,भरत प्रताप,अतुल तिवारी,अमित त्यागी,अजय प्रताप व ग्रीश वही मीडिया की तरफ से प्रबल पाठक,जेएनआई के जिला संवाददाता दीपक शुक्ला,धीरज अग्निहोत्री,राजीब शुक्ला,संदीप सक्सेना,दीपक,शीपू तिवारी,अरुण प्रताप,अक्षय दीक्षित,अंशुल गंगवार आदि रहे|

जूता चलाने वाले बीजेपी के सांसद का टिकट कटा,रवि किशन होंगे गोरखपुर से प्रत्याशी

0

लखनऊ:लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने आज जारी अपनी 21वीं सूची में उत्तर प्रदेश से सात प्रत्याशियों का नाम घोषित किया है। भाजपा ने संतकबीर नगर में विधायक पर जूतों की बौछार करने वाले शरद त्रिपाठी का टिकट काट दिया है। उनके पिता तथा उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को भाजपा ने देवरिया से प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा ने पांच सांसदों का टिकट फिर काटा है। अब सिर्फ घोसी सीट पर प्रत्याशी की घोषणा बाकी है। पार्टी ने योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा को अम्बेडकरनगर से प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने प्रतापगढ़ अपना दल सांसद हरिवंश सिंह का टिकट काटा है। यहां से पार्टी ने अपना दल विधायक संगम लाल गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है।
जौनपुर से पार्टी के सांसद केपी सिंह टिकट बचाने में कामयाब रहे हैं। देवरिया से सांसद कलराज मिश्रा चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं। संतकबीरनगर से सांसद शरद त्रिपाठी को अनुशासनहीनता का खामियाजा उठाना पड़ा है। भदोही से सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त को बलिया से टिकट दिया गया है। पार्टी ने संतकबीर नगर से प्रवीण निषाद को प्रत्याशी बनाया है। प्रवीण निषाद फिलहाल गोरखपुर से सांसद हैं।
प्रवीण निषाद ने गोरखपुर सीट पर हुए उपचुनाव में सपा के टिकट पर बसपा के समर्थन से भाजपा प्रत्याशी को हराया था। उनकी यह जीत पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी। हाल ही में प्रवीण निषाद ने अपने पिता के साथ भाजपा से गठजोड़ कर लिया था, जिसके बाद अब उन्हें शरद त्रिपाठी की जगह संतकबीरनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाया गया है।
भोजपुरी फिल्म के अभिनेता रवि किशन को पार्टी ने गोरखपुर से प्रत्याशी बनाया है। घोसी लोकसभा सीट को छोड़कर पूर्वांचल में सभी सीटों पर प्रत्याशियों की सूची तय हो चुकी है। चर्चा है कि घोसी लोकसभा सीट भाजपा सुभासपा को देना चाह रही थी मगर सीटों के बंटवारे से असंतुष्ट सुभासपा ने अलग राह चुन ली है।
पार्टी ने प्रतापगढ़ से अपना दल के विधायक संगम लाल गुप्ता, भदोही से रमेश बिंद, संतकबीर नगर से निषाद पार्टी के प्रवीण निषाद, देवरिया से डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, जौनपुर से डॉ. केपी सिंह, गोरखपुर से रवि किशन व अम्बेडकरनगर से मुकुट बिहारी वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने सांसद केपी पर जताया भरोसा
भाजपा ने जौनपुर लोकसभा से प्रत्याशी को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। सांसद कृष्ण प्रताप सिंह (केपी सिंह) को पार्टी ने उम्मीदवार घोषित कर दिया।  छात्र जीवन से विद्यार्थी परिषद फिर भाजपा में सक्रिय केपी सिंह प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री स्व उमानाथ सिंह के पुत्र हैं। 2014 में ये 38 साल की अवस्था मे जौनपुर से सांसद चुने गए।
पार्टी ने इन्हें विचार मंथन के बाद दोबारा मौका दिया है। जनसंघ और भाजपा के पुराने नेता रहे इनके पिता उमानाथ सिंह 1967 में पहली बार बयालसी से जनसंघ से विधायक चुने गए। इसके बाद वे 1971 फिर 1989 और 91 में भाजपा से जीते। कल्याण सिंह की सरकार में जेल मंत्री रहे उमानाथ सिंह की भाजपा के बड़े नेताओं और संघ के पदाधिकारियों से मधुर रिश्ते थे। केपी सिंह मूलतः जफराबाद के महरुपुर और शहर में नखास मोहले के निवासी हैं।

चुनाव आयोग का सख्त ऐक्शन:72 घंटे योगी और 48 घंटे मायावती नहीं कर सकेंगे रैली और रोड शो

0

लखनऊ:लोकसभा चुनाव 2019 में आचार संहिता के उल्लंघन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर प्रचार करने पर रोक लगा दी गई है। योगी आदित्यनाथ के साथ ही बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती पर भी धर्म के आधार पर वोट मांगने पर यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर निर्वाचन आयोग ने की है।  
आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के प्रचार करने पर रोक लगा दी है। चुनाव आयोग की ये रोक 16 अप्रैल से शुरू होगी, जो कि योगी आदित्यनाथ के लिए 72 घंटे और मायावती के लिए 48 घंटे तक लागू रहेगी। इस दौरान योगी आदित्यनाथ और मायावती ना ही कोई रैली को संबोधित कर पाएंगे, ना ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पाएंगे और ना ही किसी को इंटरव्यू दे पाएंगे। चुनाव आयोग का एक्शन 16 अप्रैल सुबह 6 बजे शुरू होगा। चुनाव आयोग के फैसले से साफ है कि योगी आदित्यनाथ 16, 17 और 18 अप्रैल को कोई प्रचार नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा मायावती 16 और 17 अप्रैल को कोई चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगी।
लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए नेता पूरी ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में अक्सर ही यह लोग आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर दे रहे हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए आज चुनाव आयोग ने अपना दायरा दिखा दिया। आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा भाजपा के स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ के साथ ही बहुजन समाज पार्टी की मुखिया पर डंडा चलाया है।
चुनाव आयोग ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा प्रमुख मायावती को रैली और रोड शो करने से से बैन कर दिया है। उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ को 72 घंटे और मायावती को 48 घंटे के लिए रैली और रोड शो करने पर बैन लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध कल सुबह छह बजे से शुरू हो जाएगा। 
चुनाव आयोग ने योगी आदित्यनाथ और मायावती को उनके भाषणों में आपत्तिजनक बयानों के जरिए आचार संहिता के उल्लंघन में दोषी पाया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान बसपा प्रमुख मायावती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथित रूप से विद्वेष फैलाने वाले भाषणों का आज ही संज्ञान लिया और निर्वाचन आयोग से जानना चाहा कि उसने इनके खिलाफ अभ्री तक क्या कार्रवाई की है।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ ने चुनाव प्रचार के दौरान जाति एवं धर्म को आधार बना कर विद्वेष फैलाने वाले वाले भाषणों निबटने के लिये आयोग के पास सीमित अधिकार होने के कथन से सहमति जताते हुये निर्वाचन आयोग के एक प्रतिनिधि को कल तलब किया है।
पीठ ने निर्वाचन आयोग के इस कथन का उल्लेख किया कि वह जाति और धर्म के आधार पर विद्वेष फैलाने वाले भाषण के लिये नोटिस जारी कर सकता है, इसके बाद परामर्श दे सकता है ओर अंतत: ऐसे नेता के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में शिकायत दर्ज करा सकता है।
पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग ने कहा कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पहले नोटिस जारी करेंगे, फिर परामर्श जारी होगा और फिर शिकायत दर्ज की जाएगी। पीठ ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान इस तरह के विद्वेष फैलाने वाले भाषणों से निबटने के आयोग के अधिकार से संबंधित पहलू पर वह गोर करेगा।
सुनवाई के दौरान पीठ ने आयोग के अधिवक्ता से मायावती और योगी आदित्यनाथ के कथित नफरत फैलाने वाले भाषणों के कारण उनके खिलाफ उठाए कदमों के बारे में भी जानकारी मांगी थी। आयोग के अधिवक्ता ने कहा कि वह पहले ही दोनों नेताओं को नोटिस जारी कर चुका है। पीठ ने कहा कि हमें मायावती व योगी आदित्यनाथ के खिलाफ उठाए कदमों के बारे में बताएं। पीठ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शारजाह के रहने वाले एनआरआई योग प्रशिक्षक की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में उन्होंने आम चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियों के प्रवक्ताओं के मीडिया में धर्म एवं जाति के आधार पर की जाने वाली टिप्पणियों पर चुनाव आयोग को ‘कड़े कदम’ उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया।