फर्रुखाबाद: बरेली से 2 मार्च को प्रारम्भ होकर देश के राज्यों के 27 शहरों का भ्रमण करने के बाद लखनऊ में 1 मई को समाप्त होने वाली सेना की टार्च रैली 20 मार्च को मैनपुरी से यहां पहुंचेगी। देश भर में पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान का उद्देश्य लेकर निकली यह रैली यहां 21 व 22 मार्च को यहां रुक कर पूर्व सैनिकों की समस्याओं को सुनेगी।
राजपूत रेजीमेंट के डिप्टी कमांडेंट कर्नल आर पांडीकर ने शनिवार को यहां वार्ता के दौरान बताया कि फतेहगढ़ पहुंचने पर टार्च रैली का रिलायंस पेट्रोल पंप के पास स्वागत किया जायेगा। रैली में 2 सैन्य अधिकारियों, 3 जेसीओ व 21 जवान सम्मिलित हैं। स्वागत के उपरांत रैली की मशाल को सैन्य अधिकारियों, एनसीसी कैडिटों, स्कूली छात्रों व पूर्व सैनिकों के हवाले किया जायेगा। यहां से मशाल को कैरियप्पा कांप्लेक्स ले जाया जायेगा। टार्च के साथ कैरियप्पा कांप्लेक्स के दो चक्कर लगाने के बाद यहीं पर पूर्व सैनिकों की एक सभा का अयोजन किया जायेगा। दो दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों के दौरान पूर्व सैनिकों की सरकारी व गैरसरकारी के समस्याओं के निस्तारण का प्रयास किया जायेगा।
यह टार्च रैली उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ तथा उड़ीसा के कुल 27
कर्नल पांडीकर ने बताया कि यह रैली मध्य कमान के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। यह रैली देश के छह राज्यों की राजधानियों सहित कुल 27 श्हरों से गुजर कर कुल 5000 किलोमीटर का रास्ता तय करेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र के प्रति सेवा में 50 वर्षों को दर्शाना व देश भक्ति की भावना को जागृत करना है। जिसमें भूतपूर्व सैनिकों से मिलाप कर युवाओं को सेना की सेवा के प्रति प्रोत्साहित करने का भी लक्ष्य है। सूर्यकिरण टार्च हमारे देश के सामरिक महत्व रखने वाले केंद्रित शहरों व नगरों से गुजरेगी। रैली बरेली से प्रारंभ होकर पिथौरागढ़, रानीखेत, जोशीमठ, लैसटाउन, रायवाला, देहरादून, रूड़की, मेरठ, मैनपुरी, फतेहगढ़, बांदा, सतना, जबलपुर, रामपुर, संबलपुर, कटक, भुवनेश्वर, रांची, दानापुर, गाजीपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, फैजाबाद, कानपुर से होते हुए एक मई को लखनऊ में समाप्त होगी।