फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) वसंत पंचमी का नाम सुनते ही हर कोई उत्साह और उमंग से भर जाता है। पतंगों के बिना यह पर्व अधूरा लगता है। इस बार शहर में रविवार को वसंत पंचमी मनाई जा रही है। तिरंगा, नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, योगी के साथ आकाश में ग्लाइडर पतंगों के पेच लड़ेंगे। शनिवार को बाजार में मांझे, पतंग की खूब खरीदारी हुई।
विभिन्य पार्टियों के नेताओं के साथ ही टीवी धारावाहिक छोटा भीम, स्पाइडरमैन आदि की पतंगें उड़ती हुई आसमान में नजर आईं हैं। दुकानों पर सजी पतंगें युवाओं और बच्चों को आकर्षित कर रही हैं। शहर में पतंग, डोर, मांझा की कुछ दुकानें तो स्थाई है। इनके अलावा वसंत पंचमी पर्व निकट आते हैं अनेक अस्थाई दुकानें लग जाती हैं। इस पर्व पर कई लाख रुपये का पतंग, मांझा का कारोबार होता है। पिछले कई दिनों से युवाओं और किशोरों ने वसंत पंचमी के लिए कई दिन पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। अनेक लोगों ने वसंत पंचमी आने से पहले ही पतंगें उड़ाना भी शुरू कर दिया। इस पर्व को लेकर युवाओं, किशोरों और बच्चों में काफी उत्साह दिखाई पड़ रहा है। पीढि़यां बदल गईं, समय के साथ पतंगबाजी करने वाले चेहरे भी बदलते गए लेकिन पतंगबाजी का दौर कायम रहा है। पूरे साल भर बाद यह पर्व आता है, जिसमें जमकर पतंग उड़ाने का अवसर मिलता है। मौज मस्ती का दिन रहेगा। सुबह मां सरस्वती की पूजा करने के बाद छत पर डीजे बताते हुए पतंग उड़डाएंगे, पेंच लड़ाएगे। यह दौर शाम तक चलेगा।
बाजार में इस बार एक रुपये से लेकर 50 रुपये तक की कीमत वाली पतंगें बिक रही हैं। दुकानदारों के अनुसार कपास के दामों में बढ़ोत्तरी से धागा और मांझा की कीमतें पांच से दस फीसदी बढ़ गईं हैं। 900 मीटर धागे वाली डोर की रील 40 से बढ़कर 45 रुपये हो गई और मांझा चरखी भी करीब 20 रुपये बढ़कर क्वालिटी के अनुसार 70 से 150 रुपये में बिक रही है। बावजूद इसके पतंग उड़ाने के शौकीनों ने महंगाई की परवाह किए बगैर दर्जनों पतंगें और चर्खियां खरीदीं।
खरीदारों को लुभा रहे अलबेले नाम
बाजार में अलग-अलग बनावट वाली पतंगों के अलबेले नाम भी ग्राहकों में खूब प्रचलित हो रहे हैं। उदाहरण के लिए चांदतारा, मुड्ढेदार, लंगोट, गिलहरा, अद्घी, पौनी, दुपट्टी, तिरंगा, पूंछदार आदि तरह-तरह की बनावट वाली पतंगें उनके नाम से पतंगबाज खरीद रहे हैं।
प्रशासनिक सख्ती से नहीं दिखा चायनीज मांझा
जनपद में चायनीज मांझा से लोगों के घायल होने की घटनाओं के मद्देनजर कुछ दिनों पहले चायनीज मांझे की बिक्री पर लागू की गई प्रशासनिक सख्ती का असर पतंगों के बाजार पर साफ दिख रहा है। जहाँ दुकानदार चायनीज मांझा बिक्री करनें से परहेज करते नजर आ रहें है| वहीं पतंगबाज भी चायनीज मांझा को खरीदने से बच रहें है| सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय नें बताया कि चायनीज मांझा बिक्री हुआ तो सख्त कार्यवाही की जायेगी|
वासंती बयार में पतंगबाजी का खुमार, आसमान में लड़ेंगे पेच, हवा में होगी जीत-हार



