फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद संवाददाता) जिले में प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे को आबादी क्षेत्र से हटाने सहित किसानों व ग्रामीणों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि खिमसेपुर–नंदगांव से होकर बनने जा रहा लिंक एक्सप्रेस-वे आबादी क्षेत्र से होकर निकाला जा रहा है, जिससे मकानों एवं प्लॉटों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि खिमसेपुर–नंदगांव से कट को तत्काल हटाकर एक्सप्रेस-वे को आबादी क्षेत्र से बाहर किया जाए।
धरने में यह भी मांग उठाई गई कि एक्सप्रेस-वे निर्माण में काश्तकारों की भूमि उनकी अनुमति के बिना न ली जाए तथा नियमानुसार मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। मौजा सिनौड़ा पृथ्वी में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर भी विरोध दर्ज कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि मतदान में लगभग 90 प्रतिशत काश्तकार चकबंदी के पक्ष में नहीं हैं, इसलिए चकबंदी प्रक्रिया को समाप्त किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान राजस्व ग्राम बहोरा में जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति की आख्या उपलब्ध कराने अथवा जांच तत्काल पूर्ण कराने, गंगा जी के किनारे सौंदर्यीकरण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कराने, आलू का बाहर निर्यात सुनिश्चित करने एवं लगभग 1000 रुपये प्रति कुंतल उचित मूल्य निर्धारित करने, डीएपी, एनपीके एवं यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता कराने तथा जिले में आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की गई।
कमालगंज क्षेत्र के नगला भोला में पैमाइश को लेकर काश्तकारों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण और भूमि का कब्जा दिलाए जाने की मांग भी रखी गई। धरना-प्रदर्शन के दौरान तहसीलदार सनी कन्नौजिया मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन मौके पर ही प्राप्त किया। उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। धरने का नेतृत्व भाकियू (महात्मा टिकैत) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा एवं जिलाध्यक्ष सत्यपाल राजपूत ने किया। इस दौरान रजनी तिवारी, अनिल राजपूत, प्रदीप दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
लिंक एक्सप्रेस-वे को आबादी क्षेत्र से हटाने की मांग को लेकर भाकियू का धरना-प्रदर्शन



