लापरवाही पड़ सकती है भारी, बच्चों में डायरिया बन सकता है जानलेवा

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) डायरिया बच्चों में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो किसी भी मौसम में हो सकती है और समय पर उपचार न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है। यह जानकारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने ठंडी सड़क एवं राजीव गांधी नगर में आयोजित टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान दी।
डॉ. यादव ने बताया कि डायरिया की स्थिति में बच्चों को पानी जैसे पतले दस्त होने लगते हैं। इससे शरीर में पानी की भारी कमी हो जाती है। इस बीमारी से बचाव के लिए पांच वर्ष तक के बच्चों को ओआरएस और जिंक की गोलियां दी जाती हैं, जो शरीर में पानी की कमी को पूरा कर बच्चे को सुरक्षित रखती हैं।
600उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को दो या तीन से अधिक बार पानी जैसे पतले दस्त हो रहे हों, तो परिजन तुरंत अपने क्षेत्र की आशा बहू या एएनएम से संपर्क करें। समय पर ओआरएस और जिंक देने से बच्चे की जान बचाई जा सकती है। डॉ. सर्वेश यादव ने बच्चों के टीकाकरण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनका टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। नियमित टीकाकरण से बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा मिलती है, इसलिए सभी अभिभावकों को समय पर अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया, लखनऊ से आए सीनियर प्रोग्राम मैनेजर अनिल द्विवेदी, अमरीश पांडे और अनुपम मिश्र, यूएनडीपी से मानव शर्मा, नगरीय स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल ऑफिसर डॉ. शिवानी, फार्मासिस्ट पंकज सहित एएनएम आरती सागर एवं आशा कार्यकर्ता संध्या उपस्थित रहीं।