महिला श्रमिकों के लिए ईंट-भट्टों पर अब तक क्यों नही बने इज्जत घर!

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को खुले से शौच मुक्त घोषित गया जा चुका है। लेकिन भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए शौचालय अभी क्या कभी भी नही बने| जिसकी वजह से भट्टे पर काम करने वाली महिलाएं खुले में शौच के लिए जा रहे हैं और गंदगी फैल रही है। वही महिला मजदूरों की सुरक्षा को भी खतरा लगातार बना रहता है|
दरअसल वर्तमान सरकार भट्टे पर कार्य करने वाली महिला मजदूरों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार गंभीर है| सरकार के निर्देश पर शासन नें भी जिले में पत्र भेजकर भट्टों पर महिला मजदूरों की सुरक्षा की व्यवस्था देखने के लिए आदेश दिये थे| जिसके बाद बीते 29 नवंबर 2020 को जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी आर के गुप्ता, खनन निरीक्षक राजीव रंजन नें ईंट भट्टों का निरीक्षण किया था| लेकिन शौचालय (इज्जत घर) के मामले में चुप्पी साध गये| लेकिन बड़ा सबाल यह है कि क्या भट्टों पर शौचालय ना होना स्वच्छ भारत मिशन के साथ ही यूपी सरकार के मिशन शक्ति को भी प्रभावित करता है| जनपद में  लगभग 130 ईंट भट्टे संचालित है| शायद ही कोई भट्टा होगा जिस पर शौचालय बना हो|
खनन निरीक्षक राजीव रंजन नें बताया कि ईंट भट्टों पर शौचालय बनवाने के निर्देश दिये गये है| जल्द अभियान चलाया जायेगा| शौचालय ना मिलने पर विधिक कार्यवाही होगी| ईंट भट्टा एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष नारायण अग्रवाल नें बताया कि जेएनआई की पहल सराहनीय है| उनके पास दो भट्टे है| दोनों पर शौचालय बने हैं| लेकिन जल्द एसोसिएशन में बात रखकर भट्टा मालिकों को शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित किया जायेगा|