मानदेय व ईपीएफ भुगतान न होने पर मनरेगा कर्मियों का प्रदर्शन

फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) विकासखंड राजेपुर में मनरेगा कर्मियों ने लंबे समय से मानदेय और ईपीएफ भुगतान न होने पर नाराजगी जताई। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और एडीओ पंचायत अजीत पाठक को ज्ञापन सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की।
मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखा सहायक, तकनीकी सहायक और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों ने प्रशासन से लंबित भुगतान जारी कराने की मांग की। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को संबोधित पत्र में बताया कि जनपद के मनरेगा कर्मियों ने विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही एसआईआर, क्रॉप सर्वे सहित अन्य विभागीय कार्यों में भी पूरा सहयोग दिया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि विभागीय शिथिलता के कारण मई 2025 से अब तक उनका मानदेय नहीं दिया गया है, जबकि ईपीएफ की देनदारी भी लंबे समय से लंबित है। उन्होंने बताया कि दीपावली के समय भी वेतन नहीं मिला था और अब होली के अवसर पर भी भुगतान न होने से पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। आर्थिक संकट के कारण कर्मचारियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मनरेगा कर्मियों ने कहा कि प्रदेश में कई स्थानों पर मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारियों के साथ गंभीर घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 में वर्णित जीवन के अधिकार के विपरीत बताया।
संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस समस्या को लेकर 23 फरवरी 2026 को रोजगार गारंटी आयुक्त से भी मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया गया था। कर्मचारियों का कहना है कि प्रदेश में सर्वाधिक मानव दिवस सृजित होने के बावजूद समय पर भुगतान न होना गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर संकेत करता है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो 17 मार्च 2026 को जनपद के सभी मनरेगा कर्मचारी जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री को भी पूरे मामले से अवगत कराएंगे। विकासखंड राजेपुर के कई मनरेगा कर्मियों ने हस्ताक्षर कर प्रशासन से लंबित मानदेय और ईपीएफ भुगतान जल्द कराने की मांग की। मौके पर एपीओ राशिद खान, प्रबल जगतपाल, राकेश जगतपाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।