फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला) फर्रुखाबाद में जन्मीं छायावाद की महान कवयित्री महादेवी वर्मा जिले में एक बार फिर चर्चा में हैं, जिस तरह से उनके स्मारक स्थल को पहले से ही दुकानदार अतिक्रमण कर घेरे हुए थे उसमे और इजाफा करते हुए रेलवे रोड़ निर्माण के बीच बिजली विभाग ने महादेवी वर्मा की प्रतिमा के सामने दो ट्रांसफार्मर लगाकर प्रतिमा के आकर्षण को भी ग्रहण लगा दिया है| जिससे हिंदी प्रेमियों और कवियों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है| हिंदी प्रेमियों नें ट्रांसफार्मर किसी अन्य जगह हटाने की मांग जिला प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों से की है|
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका व वरिष्ठ साहित्यकार भारती मिश्रा ने कहा की महादेवी जिले का मान हैं, उनकी प्रतिमा के
सामने बिजली के ट्रांसफार्मर लगाना उनका अपमान करनें के बराबर है| महादेवी की प्रतिमा इस लिए नही लगी थी की वह दिखे ही ना, यह तो ठीक नही है, इसका उन्हें दुःख है| महादेवी वर्मा नें सहित्य की साधना की थी, साहित्य कार को चार लाइन लिखने में पसीना आता है, जबकि महादेवी तो ‘हिंदी साहित्य की मीरा’ इस लिए नही कहा जाता| उनकी प्रतिमा के सामने लगे ट्रांसफार्मर हटाए जाने चाहिए| जिससे महादेवी का सम्मान बना रहे और उनके स्मारक पर होनें वाले कार्यक्रम विधिवत हो सकें|
संस्कार भारती के प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र पाण्डेय नें कहा की महीयसी के स्मारक में लगी प्रतिमा के ठीक सामने ट्रांसफार्मर लगाकर गलत कृत्य किया गया है| उसको हटाना चाहिए| हम सभी के लिए हिंदी साहित्य की मीरा ‘महादेवी’ प्रेरणास्रोत है, इस कृत्य से उनके जिले, प्रदेश, देश भर में रहने वाले सभी चाहने वाले आहत हैं| ट्रांसफार्मरों को हटाया जाना ही उचित होगा|
वरिष्ठ कवि ब्रजकिशोर सिंह किशोर ने बताया की जब प्रतिमा की स्थापना हुई थी तो वह इसके अध्यक्ष थे और शिव ओम अम्बर समन्वयक बने थे, कड़ी मेहनत के बाद पालिका नें जगह दी और उसके बाद महादेवी वर्मा की प्रतिमा को स्थापित किया गया था, लेकिन विगत दिनों जिस तरह से उनकी प्रतिमा के सामने रेलवे रोड सड़क को सुन्दर बनाए के चक्कर में महादेवी वर्मा की प्रतिमा की सुन्दरता को ग्रहण लगा दिया, उन्होंने कहा की वह इसका विरोध करते हैं और जिम्मेदारों से मांग करते हैं की ट्रांसफार्मर हटाये जाये जिससे महीयसी का सम्मान बना रहे|
समाज सेवी संजय गर्ग ने बताया की महादेवी वर्मा की ख्याति देश में ही नही विदेशों में भी है| उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने से बाहर से भी हिंदी प्रेमी आते हैं लेकिन उनके शहर की प्रमुख सड़क पर बने स्मारक की यह दशा देखकर उन्हें भी कष्ट होगा| जनपद के कवियों और हिंदी प्रेमियों की यह मांग है की ट्रांसफार्मर किसी दूसरी जगह शिफ्ट कर स्मारक की सुन्दरता को कायम रखा जाये|
कवित्री डॉ. गरिमा पाण्डेय नें बताया की महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं | वह जनपद की साहित्यिक उत्सव संज्ञा हैं| हमारे जनपद का गौरव हैं| उन्होंने अपनी साहित्य साधना से सम्पूर्ण विश्व को आलोकित किया है| महादेवी वर्मा की प्रतिमा रेलवे रोड़ पल्ला पर लगी है उसकी सफाई की व्यवस्था हो इसके साथ ही उनकी प्रतिमा के सामने लगे ट्रांसफार्मर हटाकर उन्हें सम्मान दिया जाये| 



