महिला सशक्तिकरण में पुरुषों की भी अहम भूमिका : डॉ. वंदना द्विवेदी

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) अधिवक्ता परिषद काशी की जिला इकाई फर्रुखाबाद के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को जिला अधिवक्ता संघ सभागार फतेहगढ़ में महिला सशक्तिकरण गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर वंदे मातरम् के साथ किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. वंदना द्विवेदी ने कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर समाज में अलग पहचान बनाई है और धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बनती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं शिक्षा, राजनीति, प्रशासन, न्यायपालिका और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।
अधिवक्ता विभा दुबे ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति और अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से महिलाएं समाज में अपनी सशक्त भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम की संचालिका अधिवक्ता परिषद की महिला उपाध्यक्ष श्रीमती उमा मिश्रा (पूर्व प्रांतीय विधिक सलाहकार, वीरांगना वाहिनी, हिंदू जागरण मंच कानपुर प्रांत) ने कहा कि आज महिलाएं समाज के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं और उन्हें खुले मन से समाज में अपना स्थान बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण में पुरुषों का भी समान योगदान है, क्योंकि कोई पुरुष ही किसी का भाई, पिता और पति होता है और महिलाओं के आगे बढ़ने में उनका सहयोग महत्वपूर्ण होता है।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सुमन राठौर (सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड) रहीं। कार्यक्रम का संचालन उमा मिश्रा ने किया तथा समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ |अधिवक्ता परिषद की जिला इकाई की महिला टोली की सदस्य शिवांगी तिवारी, साक्षी गुप्ता, भावना गुप्ता, डॉ. गायत्री मिश्रा, एडवोकेट प्रीति तिवारी, डॉ. निधि मिश्रा, बबीता पाठक, चित्रा अग्निहोत्री मिश्रा, बबीता सिंह सिंधी, शिवांशी गुप्ता, नेहा राठौर, पिंकी, नेहा प्रजापति, तान्या शर्मा, मोहिनी सिंह, मुस्कान वर्मा, नीलम शाक्य, अंजली दिवाकर, प्रिया शर्मा रहे|