फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) सराफा कारोबार में करवा चौथ की रौनक खूब बिखर रही है। हालांकि सोने व चांदी की महंगाई का असर भी बाजार पर साफ दिख रहा है। मंगलसूत्र हो या कान की बाली या नथ, सभी का वजन हल्का करने की डिमांड लोग कर रहे हैं ताकि बजट में फिट बैठ सके। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि महंगाई के चलते बिक्री पर खासा असर पड़ा है।
शहर के सराफा बाजार व कस्बों में ज्वैलर्स की दुकानों पर इन दिनों खासी भीड़ नजर आ रही है। करवा चौथ का त्योहार 10 अक्तूबर को है। इसकी तैयारियों में सुहागिनें खरीदारी के लिए आभूषण की दुकानों
पर पहुंच रही हैं। इस बार सोने-चांदी के भाव काफी बढ़ गए हैं। इस बार बाजार में चांदी की पायल व बिछिया की डिमांड है। पायल के नए-नए डिजाइन और आपसी मेल वाले बिछिया काफी पसंद किए जा रहे हैं। डिजाइन भी पिछले वर्ष के मुकाबले नए हैं। सोने में जहां पत्ते वाला डिजाइन नया आया है तो पायल में लटकन और झालर वाले डिजाइन की मांग अधिक है।
5 हजार चांदी व 4 हजार बढ़े सोने के दाम
बीते मंगलवार को सोने का भाव 1.23 लाख रुपये प्रति तोला व चांदी 1.53 लाख रुपये किलो रहा था। गुरुवार को चांदी 1.67 लाख रूपये किलो व सोना 1.27 रूपये तोला आ गया| सोना व चांदी के भाव बढ़ने से ग्राहकों ने आभूषणों के बजन में कटौती करना शुरू कर दिया है|
हल्के मंगलसूत्र खरीद रहे लोग
सोने के दाम अधिक होने से चांदी की खरीदारी हो रही है। इस बार सोने के हल्के मंगलसूत्र काफी पसंद किए जा रहे हैं। खर्च कम करने के लिए पुराना आभूषण बदलकर लोग नया खरीद रहे हैं। लोगों का चांदी के आभूषण खरीद की तरफ ज्यादा ध्यान है|
-शिवांग रस्तोगी सराफा व्यापारी अनुपम ज्वलैर्स नेहरु रोड
चांदी के हल्के आभूषणों की बढ़ी मांग
इस करवाचौथ पर महंगाई का असर है। सोने के बजाय लोग चांदी की पायल व बिछुए खरीद रहे हैं। बेटियों को देने के लिए चांदी के हल्के करवा की मांग ज्यादा है।
-श्री चंद ज्वलैर्स, उत्कर्ष शुक्ला सर्राफा कारोबारी नेहरु रोड
भाव पूछकर लौट जाते ग्राहक
दुकान पर ग्राहक आते हैं और आभूषण के भाव पूछकर लौट जाते हैं। महंगाई के चलते सोने के आभूषण लोग कम ले रहे हैं। चांदी के आभूषण ज्यादा खरीद रहे हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बिक्री कम होने के आसार नजर आ रहे हैं।
– दीपक सारस्वत, सर्राफा कारोबारी नंदिनी ज्वलैर्स
महंगाई व बाढ़ की दोहरी कारोबार पर मार
सोने व चांदी पर मंहगाई की मार के साथ ही बाढ़ की मार भी प्रभावी है| ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहक बाढ के बाद आयी मंहगाई से कतरा रहे हैं| लिहाजा कई ग्राहक केबल दाम पूंछकर वापस लौट जा रहे हैं| -संतोष शुक्ला सगुन ज्वलैर्स
ईमानदार व व्यवहार है तो होगी बिक्री
यदि दुकानदार ईमानदारी के साथ कार्य करे और व्यवहार स्वभाव ठीक रखे तो मंहगाई के बाद भी ग्राहक आता है| अनुपम रस्तोगी अनुपम ज्वलैर्स नेहरू रोड़
महंगाई की मार ने बदल दिया उपहार
सोने-चांदी पर महंगाई की मार ने सुहागिनों को दिया जाने वाला उपहार बदल दिया है। दरअसल, आभूषण महंगे होने से लोग अपनी पत्नी के लिए कोई दूसरा उपहार खरीदने की योजना बना रहे हैं। अजीत सिंह बताते हैं कि हर वर्ष करवा चौथ पर पत्नी को उपहार में आभूषण देते थे, महंगाई के चलते इस बार साड़ी देने की प्लान है। अंकित शर्मा भी आभूषण के बजाय कोई अन्य उपहार खरीदने की योजना बना रहे हैं।
मंहगाई ने कम किया सोने-चांदी के आभूषणों का वजन



