डेस्क:भारत की बेटियां ने साउथ अफ्रीका को हराकर इस बार इतिहास रच डाला। दो बार फेल होने के बाद आखिरकार हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने टूर्नामेंट के 52 साल के इतिहास अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप जीता। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया।299 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजो ने शानदार शुरुआत की।पहले विकेट के लिए बिट्स और लौरा ने 51 रन की साझेदारी की लेकिन अमनजोत के सटीक थ्रो ने बिट्स की पारी समाप्त कर पवेलियन भेज दिया इसके बाद धीरे-धीरे भारत की बेटियों के आगे साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज एक एक कर आउट होते चले गए|मुंबई के स्टेडियम पर जब दक्षिण अफ्रीका का अंतिम विकेट गिरा तो पूरे देश का जन, गण, मन एक साथ भारत मात की जय से गूंज उठा। इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट ने वो मुकाम छू लिया जहां अब वह दुनिया के शीर्ष पर खड़ी है।

भारत ने 1978 में पहली बार महिला विश्व कप में हिस्सा लिया था। 2005 व 2017 में मिताली राज की कप्तानी में भारत फाइनल तक पहुंचा पर दोनों बार ट्राफी हाथ से फिसल गई। आखिरकार हरमनप्रीत की कप्तानी में टीम विश्वविजेता बन गई। महिला टीम की यह पहली आइसीसी ट्राफी है। 1983 में कपिल देव और 2011 में महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में पुरुष टीम ने वनडे विश्व कप जीता था। अब हरमनप्रीत कौर की अगुआई में बेटियों ने भी विश्व चैंपियन का तमगा पा लिया।
पीएम नरेन्द्र मोदी ने आईसीसी महिला वनडे विश्व कप फाइनल में भारतीय टीम की शानदार जीत की शुभकामनाए दी और कहा कि फाइनल में उनका प्रदर्शन अद्भुत कौशल व आत्मविश्वास से भरा रहा। टीम ने असाधारण टीम वर्क और दृढ़ता दिखाई। हमारी खिलाड़ियों को बधाई। ये ऐतिहासिक जीत भविष्य के चैंपियनों को प्रेरित करेगी। 


भारत की बेटियां बनीं विश्व चैंपियन,पहली बार वर्ल्ड कप जीतकर दुनिया में लहराया तिरंगा

