फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) संयुक्त किसान मोर्चा के आवाहन पर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत फर्रुखाबाद के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट फतेहगढ़ पर धरना प्रदर्शन किया एवं दो अलग-अलग ज्ञापन राष्ट्रपति व जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को दिये गये।
प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति “गूंगी व बहरी” बनी हुई है। किसान मजबूरी में सड़कों पर उतरने को विवश हैं। आज ऐतिहासिक किसान आंदोलन की पांच वीं वर्षगांठ है जिसमें किसान 13 महीनों तक दिल्ली बॉर्डर पर डटे रहे। कानपुर मंडल के उपाध्यक्ष लक्ष्मी शंकर जोशी ने कहा कि आंदोलन में शहीद हुए 736 किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए हम यह संकल्प लेते हैं कि किसानों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि 380 दिनों तक चले ऐतिहासिक आंदोलन को 9 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद स्थगित किया गया था, परंतु 5 वर्षों में कोई वादा पूरा नहीं हुआ, उल्टे कदमों ने किसानों की आर्थिक स्थिति को और भी कमजोर किया है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि बीते वर्षों में 5 लाख से अधिक किसान, मजदूर और बेरोजगार आत्महत्या करने को मजबूर हुए हैं। कॉरपोरेट घरानों के अरबों रुपए माफ किए जाते हैं, लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं किया जाता।उन्होंने मांग की कि सभी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, सभी ब्लॉकों में मंडियां, गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति कुंतल एवं भुगतान ब्याज सहित तत्काल, कृषि ऋण माफी, ब्याज मुक्त ऋण, तथा किसानों से ऊँची ब्याज वसूली पर रोक लगाई जाए। अजय कटियार ने ग्राम पापियापुर स्थित मॉडल प्राथमिक विद्यालय के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग 730सी पर बच्चों की सुरक्षा के लिए ओवरब्रिज निर्माण की मांग भी उठायी। अफरोज मंसूरी, कृष्ण गोपाल मिश्रा, ब्रजेश गंगवार, अभय यादव, सुग्रीव पाल, बिजनेश यादव, पुजारी कटियार, विजय सिंह शाक्य, प्रेम चंद्र यादव, अरविंद गंगवार, गुड्डू यादव, दिनेश सिंह गौर, रामप्रकाश पाल, अनुज राजपूत, सोनू सोमवंशी, प्रदीप यादव, शिवराम शाक्य, पवन जोशी, रेहान पठान, अशोक शाक्य, संजय सिंह, बबलू खटीक रहे| कार्यक्रम की अध्यक्षता छविनाथ शाक्य ने एवं संचालन गोपी शाक्य ने किया।



