फर्रुखाबाद:श्री रघुनाथ कथा के चतुर्थ दिन जन जी महाराज ने कहा कि भगवान राम और लक्ष्मण जब गुरू के साथ जनकपुर पहुंचे तो पूरा राज्य दर्शन के लिये उमड़ा| उन्होंने इस प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया|
ग्राम सहसापुर में चल रही रामकथा में राजन जी महाराज ने कहा भगवान राम और लक्ष्मण जब गुरू के साथ जनकपुर पहुंचे तो पूरा राज्य दर्शन के लिये उमड़ा शरद पूर्णिमा के चन्द्र को देखकर जैसे चकोर पागल होता है ठीक वैसी ही दशा जनक जी की हुई| जब रामजी जनकपुरी पहुचे तो वहां रामजी जैसा स्वरूप आज तक किसी ने नहीं देखा था। जनकपुरी वासियों की हालत तो ऐसी हो गयी जैसे जन्म-जन्म का दरिद्र खजाना देखकर दौड़ पड़ता है।
उन्होंने धनुष भंग के साथ ही साथ परशुराम और लक्ष्मण संवाद के मध्य छिपे अर्थो को भी आचार्य जी ने प्रकट किया एक प्रसंग के माध्यम से आपने कहा कि परशुराम यदि सभा के मध्य नहीं आते तो वहां उपस्थित राजाओं के बीच आपसी टकराव बड़ जाता|
धनुष भंग के प्रसंग में शामिल होने के लिये गुरूवार को आस-पास जिलों से श्रोता पहुचे। डा0 अनुपम दुवे के द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। कथा के बाद प्रधान कुसुमलता दुवे, डाॅ0 अनुपम दुवे एडवोकेट ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती मीनाक्षी दुवे ब्लाक प्रमुख अमित दुवे ‘बब्बन परिवार के साथ आरती उतारी। इसके भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।




