बीमारी से तंग ग्रामीण नें फांसी लगाकर दी जान, पुलिस प्रताड़ना का सुसाइड नोट वायरल

फर्रुखाबाद:(मेरापुर संवाददाता) बीमारी से तंग आकर ग्रामीण नें फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली| पुलिस नें शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया| परिजनों में कोहराम मचा है| मृतक के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है| जिससे घटना में नया मोड़ आ गया है| लेकिन पुलिस सुसाइड नोट को फर्जी बता रही है|
थाना क्षेत्र के ग्राम नगला मना निवासी 44 वर्षीय प्रमोद कुमार यादव उर्फ रामजी नें बीती शुक्रवार की रात घर के निकट एक बबूल के पेड़ में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली| शनिवार को सुबह विनोद के परिजनों नें उसे पेंड पर लटका हुआ देखा| जिसके बाद चीख-पुकार मच गयी| मिली जानकारी के मुताबिक प्रमोद काफी लम्बे समय से बीमार चल रहा था, लेकिन घटना के बाद वायरल हुए सुसाइड नोट नें सबाल खड़े कर दिये, वायरल सुसाइड नोट में लिखा की “हम प्रमोद कुमार टीवी का मरीज हूँ, मुझे हर दिन पुलिस परेशान करती है, हमारे तीर खाने को भी नही है, पुलिस के दबाब के वजह से हम आत्महत्या कर रहे हैं| हम प्रमोद मना नगला” सुसाइड नोट ने घटना को लेकर पुलिस पर सबाल खड़े कर दिये| पुलिस का पक्ष जानने के लिए थानाध्यक्ष का सीयूजी नम्बर कई फोन करने के बाद नही उठा| मामले में फोन करने पर सीओ कायमगंज का स्वीच ऑफ मिला| एएसपी अरुण कुमार नें बताया की मृतक के खिलाफ साल 2019 से एक मामला आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज था, जो न्यायालय में विचाराधीन है, जिसमे मृतक प्रमोद हाजिर नही हो रहा था| जिसके चलते उसके खिलाफ 82 व 83 का नोटिस भी जारी किया था| बीते 19 दिसम्बर को थाना मेरापुर पुलिस कार्यवाही के लिए घर पर गयी थी| लेकिन वह फरार थे| जाँच में पता चला की मृतक लिखना पढ़ना नही जानता था| पुलिस की छवि धूमिल करने के लिए किसी नें सुसाइड नोट वायरल किया है| परिजनों नें किसी प्रकार की कोई शिकायत इस नही की है| वायरल किये गये सुसाइड नोट की भी जाँच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी|