फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) बालक की हत्या कर शव घर में छिपा लेने के मामले में दर्ज मुकदमा विचारण के उपरांत अभियुक्त को दोषी करार दिया हैं| वहीं अभियुक्त के पिता को पूर्व में ही आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया जा चुका है| शुक्रवार को दोष सिद्ध किये गये अभियुक्त की सजा पर सुनवाई के लिए 3 फरवरी की तिथि तय की है|
बीते 8 मार्च 2009 को थाना शमसाबाद में रामपाल नें मुकदमा दर्ज कराया था| जिसमे कहा था कि बीते 6 मार्च को उनका 8 वर्षीय पुत्र प्रदीप कुमार उर्फ लालू खेलते-खेलते पड़ोस के सतीश पुत्र मदनलाल के घर चला गया| जब वह घर नही पंहुचा तो उसकी तलाश शुरू की| पड़ोसी रघुवीर व प्रेम चन्द्र ने बताया कि लालू को दिन में 2 बजे सतीश के घर पर खेलते देखा था| जब सतीश नें रामपाल नें बेटे के बारे में जानकारी ली तो सतीश नें बताया कि लालू आया था लेकिन उसी समय चला गया| जब काफी तलाश के बाद ग्रामीणों के साथ सतीश के घर की तलाशी लेनें पंहुचे सतीश व उसका पिता मदनलाल मौके से फरार हो गया| घर में भीतर जाकर देखा तो कमरें के भीतर ताढ पर मृत लालू का पैर लटक रहा था, जब रामपाल नें टार्च की रोशनी में देखा तो ताढ पर लालू की लाश पड़ी थी और उसके ऊपर से पला रखा था| दोनों आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया| पुलिस नें मामले में दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया| न्यायालय में चली सुनवाई के बाद अभियुक्त मदनलाल को पूर्व में ही सजा सुनाई जा चुकी है| शुक्रवार को अभियुक्त सतीश को भी विशेष न्यायाधीश डा. अनिल कुमार सिंह नें दोष सिद्ध किया| वहीं सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 3 फरवरी की तिथि दी है|
बालक की हत्या में अभियुक्त दोष सिद्ध, 3 फरवरी को सजा पर सुनवाई



