फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद संवाददाता) बारिश से मक्का की खेती करने वाले किसान मुसीबत में घिर गए हैं। बारिश से खेतों में काटकर रखी फसल बर्बाद होने लगी है। मक्का में लगा दाना खेत खलियान में अंकुरित होने लगा है। जिससे किसानों के माथे पर बल पड़ गया है| किसान पिछले कई महीने से फसल तैयार करने में खून-पसीने एक किए हुए थे, लेकिन अब फसल बर्बाद होते देख बेचैन हो उठे हैं। किसानों को समझ में नहीं आ रहा है कि अब वह क्या करें। इतने पर भी किसानों की मुसीबत खत्म नहीं हो रही। दिन भर आसमान में बादलों की काली घटा छाई रहती है जबकि इस समय मक्के की फसल को सूखने के लिये धूप की अत्यधिक आवश्यकता है। खेत खलिहान में पड़े पड़े फसल के दाने काले पड़ने लगे हैं। किसान बेबस होकर फसल बर्बाद होते देख रहे हैं। मक्का उपजाने में अपनी पूरी जमा-पूंजी खर्च कर चुके किसान हर दिन खेतों के सामने आकर फसलों को बर्बाद होते देख आंसू बहाते हैं। ब्लॉक के दर्जनों गांवों के सैकड़ों मक्का किसान पर आफत बनकर बारिश बरस रही है।
जानवरों के चारे का संकट
दरसल बारिश होनें से जानवरों का चारा भी नही बोया जा सका है| वैसे किसान मक्के के पौधों को भुट्टे तोड्नें एक बाद मक्के का भूसा जानवरों के चारे में प्रयोग करता था लेकिन बारिश में वह भी सड़ गये| खेत सूखे ना होनें से जानवरों का हरा चारा भी नही बोया जा सका| अब किसान जानवरों के लिए भूसा पर ही निर्भर है| लिहाजा भूसे के भी मंहगे होनें की सम्भावना है| 

बारिश से मक्का की कटी फसल हो रही खराब





