लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने ऐलान कर दिया है कि वो अपनी पार्टी बसपा से किसी भी अपराधी को बर्दाश्त नहीं करेंगी। ऐसे में वो एक एक कर दागी मंत्री-विधायकों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा रही हैं। लेकिन इन दागियों का क्या होगा कुछ पता नहीं। हालांकि हम आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी ने साफ कह दिया है कि वो इन्हें जगह नहीं देगी।
नेता प्रतिपक्ष शिवपाल सिंह यादव ने साफ कह दिया है कि बसपा से निष्कासित अपराधी नेताओं को सपा में जगह नहीं मिलेगी। विधानसभा में विपक्ष के नेता और सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल ङ्क्षसह यादव ने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती ने भ्रष्टाचार में लिप्त कुछ मंत्रियों को पार्टी से निलंबित किया है तथा कुछ विधायक आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण निकाले गये हैं। ऐसे विधायक और निलंबित मंत्री सपा में शामिल होने के बारे में सोच रहे हैं लेकिन उनके लिये पार्टी में कोई जगह नहीं है। हालांकि बसपा के टिकट पर बुलंदशहर की डिबाई सीट से चुने गये भगवान शर्मा को सपा ने पार्टी में शामिल किया है।
बसपा प्रमुख मायावती ने पंचायत चुनाव में चौदह मतदाताओं के अपहरण और एक युवती के साथ छेड़छाड़ के मामले में भगवान शर्मा को निलंबित कर दिया था और वह सपा में शामिल हो गये थे। शिवपाल ने भगवान शर्मा के पार्टी में शामिल होने के सवाल पर कि उनके खिलाफ जांच चल रही है और यदि वह दोषी पाये गये तो उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा। शिवपाल ने कहा कि बसपा सरकार के कुछ मंत्रियों के खिलाफ तो अभी जांच शुरू भी नहीं हुई है। उन्होंने बसपा सरकार के बाद सबसे ताकतवर लोक निर्माण और सिंचाई मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर सबसे भ्रष्ट मंत्री होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मायावती ने भ्रष्टाचार की जांच में लोकायुक्त की सिफारिश के बाद अपने मंत्रियों को तो हटा दिया लेकिन उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी। सपा नेता ने कहा कि जेल में रहस्यमय ढंग से मरे परिवार कल्याण विभाग के उप मु य चिकित्सा अधिकारी योगेन्द्र सचान की केन्द्रीय जांच ब्यूरो की जांच को राज्य सरकार प्रभावित कर रही है। राज्य सरकार ने पहले ही सारे सबूत मिटा दिये हैं ताकि सीबीआई ढंग से जांच नहीं कर सके।



