फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) ज्ञान-विज्ञान, संगीत, कला और बुद्धि की देवी माता सरस्वती का जन्म बसंत पंचमी को हुआ था। बसंत पंचमी के उपलक्ष में बाजारों में देखने को मिली। रौनक पतंगों की दुकानों पर बच्चों से लेकर बड़ों तक की लगी थी भीड़, बसंत को लेकर बच्चे दिख रहे थे उत्साहित, वे जमकर पतंग व मांझे की खरीदारी कर रहे थे। 23 जनवरी को शहर के हर घर की छत्त पर डीजे पर पंजाबी और हरियाणवीं गानों पर पतंगों के पेंचे लगेगे। वहीं, लजीज व्यजनों के बीच ये गई वो कटी की सुनाई देगी अवाजे। बसंत उत्सव की तैयारियां जोरों पर चल रही है। इसकों लेकर सदर बाजार की हर दुकान पर पतंग बिक रही है। पतंग और डोर खरीदने के लिए युवकों को भारी भीड़ देख जा रही है।
शहर में बसंत पंचमी पर पतंगबाजी की परंपरा वर्षों पुरानी चली आ रही है। बच्चे और युवा छतों पर चढ़ गए और धुंधलके में ही पतंग उड़ाना शुरू कर देते हैं। युवतियों को भी खूब पतंगें उड़ाते बसंत पंचमी को देखा जायेगा। शहर के मोहल्ला सुतहट्टी, सिल्वर साइन गली, पक्कापुल व बजरिया, फर्रुखाबाद कोतवाली के निकट स्थित पतंगबाजों की दुकानों पर पतंग और मांझा खरीदने के लिए भीड़ दिख रही है। बसंत पंचमी के पर्व पर पतंगबाजी के साथ ही लोगों ने भुने आलू का भी जमकर लुत्फ उठाते हैं। वसंत पंचमी पर्व पर कई जगह भंडारे का आयोजन भी किया जाता है| दिन के समय आसमान में हजारों की तादाद में तरह-तरह की रंग-बिरंगी पतंगे की उड़ती नजर आती है। बसंत के दिन लोग द्वारा अपने घरों की छतों पर डीजे लगाकर गानों पर झूमते नजर आते हैं व पतंगबाजी का लुफ्त लेते हैं व चारों तरफ आई बो आई बो की आवाजें माइक में गूंजती है।
बसंत पंचमी पर पूरे शहर में होगी पतंगों की धूम, खरीदारी को उमड़ी भीड़



