प्रकृति का संयोजन ही जीवन का सही उद्देश्य

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फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद) श्री रघुनाथ कथा के तीसरे दिन कथा व्यास ने श्रीराम के विवाह
का मनोहारी वर्णन किया| कथा का रसपान कर सभी भक्तिरस में सरावोर हो गये।
सहसपुर में चल रही श्री रघुनाथ कथा व्यास प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि कि संस्कार से ही श्रेष्ठतत्व को प्राप्त किया जा सकता है साथ ही उन्होंने कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम सब को करना पड़ता है बिना किसी परिश्रम के आप शून्य है ओर शून्य ही रहेंगे। जीवन में जो व्यक्ति परिश्रम से परे रहता है वह मृत के समान है वह जीवन में कुछ नही कर सकता। उन्होंने यह भी बताया कि प्रकृति प्रतिकूल अगर हम लोग इसी तरह कार्य करते रहेंगे तो इसके परिणाम भी विषम ही होंगे। इसलिए हम सभी को प्रकृति के नियमों का पालन करना चाहिए और जीवन मार्ग को और आसान बनाना चाहिए। प्रकृति का संयोजन ही जीवन को सही रह पर ले जा सकता है।अगर हर मनुष्य अपने स्वाथ्य को छोड़ अपनी कमियों का निराकरण करने में जुट जाये तो यह संसार त्रुटिरहित हो जायेगा।
उन्होंने कथा में श्रीराम के जन्मोत्सव की मनोहारी कथा का विस्तार से वर्णन किया| श्रीराम के जन्मोत्सव के साथ ही उनके गुरुकुल जाने तक का श्रोताओं ने श्रवण किया| कथा के बाद मुख्य यजमान डाॅ० अनुपम दुवे एडवोकेट व उनकी धर्मपत्नी मीनाक्षी दुवे, ब्लाक प्रमुख अमित दुवे ‘बब्बन’, अनुराग दुवे ‘डब्बन’ अभिषेक दुवे, सीतू दुवे एवं परिवार के साथ आरती उतारी। भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर कायमगंज विधायक अमर सिंह खटिक, भोजपुर विधायक नागेद्र सिंह राठौर, चद्रभूषण सिंह मुन्नू बाबू, अनुराग त्रिवेदी, प्रताप नरायन त्रिवेदी खुटिया, दिलीप दीक्षित खेड़ा, सुरेश दुबे आदि रहे|

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