फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्री विश्वनाथ सामाजिक सेवा संस्थान द्वारा संचालित एशियन कंप्यूटर इंस्टीट्यूट में ‘गर्जना’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नारी शक्ति के महत्व को उजागर करना और महिलाओं के प्रति सम्मान तथा जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज की पत्नी सुमनलता, अंजू पाण्डेय, सूक्ष्मा पाण्डेय, अनुराग अग्रवाल, पूनम पाण्डेय, सुरेन्द्र पाण्डेय व भावना गुप्ता द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया गया।
कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। छात्राओं ने अपने प्रभावशाली भाषण, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज में महिलाओं की भूमिका, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया। छात्राओं अदिति तिवारी, रुद्रांशी दीक्षित, स्मृति मिश्रा, मान्या मिश्रा, जैस्मिन रावत, शिवानी, राखी और दिव्या द्वारा प्रस्तुत नाट्य
प्रस्तुति ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया, जिसमें महिलाओं की शक्ति, आत्मनिर्भरता और समाज में उनके योगदान को दर्शाया गया।
इसके अलावा छात्राओं ने पोस्टर के माध्यम से भी नारी शक्ति को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी कलाकृतियों में महिलाओं की
शक्ति, आत्मविश्वास और प्रेरणादायक संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिए।
राधिका सोमवंशी ने नारी की महिमा का वर्णन करते हुए कहा—
“नारी माँ की ममता, बहन का विश्वास है,
नारी साहस, संघर्ष और उज्ज्वल प्रकाश है।
जब त्याग में शक्ति है, जब आँसू में आग है,
जब कोमल हाथों में भी बदलने की ताकत है,
जब पूरी दुनिया इनसे चलती आई है,
तो स्त्री खुद को कमजोर क्यों समझती है?”
मुख्य अतिथि सुमनलता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच और महिलाओं के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सशक्तिकरण का संदेश मिलता है। भावना गुप्ता,
पूजा पाण्डेय, सिमरन सिंधी, श्रद्धा दुबे, रितिका मिश्रा व दीक्षा पाण्डेय को सम्मानित किया गया। वहीं ओ-लेवल में सफलता प्राप्त करने वाली आध्या दुबे और दृष्टि को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुपर्णा मिश्रा ने किया, जबकि राधिका सोमवंशी ने अतिथियों का स्वागत किया और फाल्गुनी भैरवानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में नेहा सिंह, शैलेन्द्र मिश्रा ने व्यवस्था में सहयोग दिया। इस दौरान रक्षपाल कुशवाहा, अंजू पाण्डेय, सूक्ष्मा पाण्डेय, अरविन्द दीक्षित रहे।
नारी माँ की ममता, बहन का विश्वास,नारी साहस, संघर्ष व उज्ज्वल प्रकाश



