धनतेरस पर खूब बिकी ज्वैलरी, वर्तन, गणेश लक्ष्मी

फर्रुखाबाद: शहर में पूरे दिन धन्वंतरि गुरु की पूजा अर्चना का दौर चलता रहा वहीं दुकानदारों ने सुबह से ही अपनी अपनी दुकानें सजा लीं। शाम के समय जब लोग बाजार में निकले तो बर्तन, ज्वैलरी व गणेश लक्ष्मी की दुकानों पर भीड़ देखने लायक थी। महिलाओं ने ब्रांडेड व गैर ब्रांडेड ज्वैलरी खरीदकर धनतेरस पर रश्म पूरी की। वहीं कुछ महिलाओं ने मात्र वर्तन या गणेश लक्ष्मी खरीदकर ही धनतेरस की रश्म पूरी करनी चाही। धनतेरस पर महिलाओं के द्वारा खरीदे जाने वाले वर्तनों से महंगाई की मार साफ नजर आ रही थी। मंहगाई के कारण मध्यमवर्गीय महिलाओं ने मात्र एक दो वर्तन की खरीद कर ही धनतेरस की इतिश्री कर दी।

कहते हैं दीवाली तो सिर्फ पैसे की होती है। जिसकी जेब में पैसा वह वैसी ही दीवाली मना रहा है। एक तरफ जहां धनतेरस को लोग लाखों रुपये कीमत के जेबर और लाखों रुपये के चार पहिया से लेकर दो पहिया वाहन खरीद रहे हैं तो वहीं सामान्य परिवार अपनी दीवाली सस्ते में ही मनाकर मन को खुश कर रहे हैं। महंगाई का साफ मंजर शहर में धनतेरस को नजर आ रहा था। लेकिन इसके बावजूद भी महिलाओं ने खरीददारी में कोताही नहीं बरती। जमकर जेबरात, गणेश लक्ष्मी, नये वर्तन खरीदे गये। झाड़ू खरीदने की परम्परा धनतेरस पर बहुत पुरानी है। जिसके चलते शहर में कई जगह झाडुओं तक के बड़े बड़े स्टाल लगाये गये थे। शहर के रेलवे रोड, नेहरू रोड के अलावा स्टेट बैंक गली, पंडा बाग, चौक आदि जगहों पर फैन्शी व मिट्टी के गणेश लक्ष्मी की प्रतिमायें विक्री हेतु रखी गयीं थी। जिनकी महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। मान्यता है कि धनतेरस के दिन कुछ नई चीज घर में लाने से लक्ष्मी का घर में वास होता है और यदि खरीदारी घर की महिला करे तो फिर सोने पर सुहागा। इसी बजह से महिलायें धनतेरस पर वर्तनों को ज्यादा संख्या में खरीदतीं नजर आयीं। देर शाम तक बाजार में दीवाली और धनतेरस के चलते चहल पहल बनी रही। दुकानदारों ने भी अच्छी खासी कमाई करके दीवाली मनाई।