फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)चार वर्ष पूर्व भाईदूज के दूसरे दिन घर बुलाकर दामाद की हत्या करने के मामले में अदालत ने सास-ससुर समेत तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। न्यायालय ने आदेश दिया कि जुर्माने की वसूली होने पर यह राशि मृतक की पत्नी और पिता को बराबर-बराबर दी जाए। फतेहगढ़ के सरह गांव निवासी कन्हैया लाल अवस्थी के पुत्र अंकित अवस्थी ने 2020 में प्रेम विवाह कर कंपिल थाना क्षेत्र के गांव बिल्हा (वर्तमान में शहर कोतवाली के गांव भगुआ नगला) निवासी धर्मेंद्र चौहान की पुत्री नेहा चौहान से कोर्ट मैरिज की थी। दूसरी जाति में विवाह होने से लड़की के परिजन नाराज चल रहे थे। भाईदूज के दिन 6 नवंबर 2021 को अंकित अपनी पत्नी के साथ घर लौट रहा था। पांचालघाट चौराहे पर नेहा का भाई मिला और उसे भगुआ नगला स्थित घर ले गया। अगले दिन 7 नवंबर को नोएडा जाने के लिए घर से निकले अंकित को पत्नी के परिजनों के कहने पर उनके घर बुलाया गया। यहां पर पिता धर्मेंद्र चौहान, माता उमा और उनके साथी सच्चिदानंद ने नेहा को कमरे में बंद कर हंसिया और सरिया से हमला कर अंकित की हत्या कर दी। घटना की तहरीर मृतक के पिता कन्हैया लाल अवस्थी ने दी थी। विवेचना अधिकारी विनोद कुमार शुक्ला ने धर्मेंद्र चौहान, उनकी पत्नी उमा और कन्नौज निवासी सच्चिदानंद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। बुधवार को न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने तीनों को हत्या व सबूत मिटाने के आरोप में दोषी करार देते हुए जेल भेजा था। गुरुवार को सजा पर सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित किया।
दामाद की हत्या के सास-ससुर सहित तीन को आजीवन कारावास, अर्थदंड



