तेजपाल कांड पर नरेश अग्रवाल के बेतुके बोल

naresh agarwalनई दिल्ली: अक्सर अपने विवादास्पद बयानों से चर्चा में रहने वाले सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने अब तरुण तेजपाल मामले में बयान देकर अपनी फजीहत करा ली है। उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की तुलना दहेज उत्पीड़न कानून से करते हुए कहा है कि इससे महिलाओं को काम नहीं मिल रहा है। महिला रिपोर्टर के साथ हुई घटना को भी अग्रवाल ने सामान्य बताया और कहा कि ऐसा तो रोजाना होता है।

अग्रवाल तहलका के संपादक तरुण तेजपाल पर लगे दुष्कर्म के आरोप पर सीधे कुछ भी बोलने से बचे जरूर, लेकिन बुधवार को उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा संबंधी कानूनों पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा, जब महिलाओं के हित में यह कानून बनाया जा रहा था, उस समय भी मैंने चिंता जताई थी। मैंने कहा था कि कहीं ऐसा ना हो कि इस कानून का भी दहेज कानून की तरह दुरुपयोग शुरू हो जाए।
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अग्रवाल ने कहा कि ऐसे मामले तो रोज होते रहते हैं। देश के हर हिस्से में हो रहे हैं। दिल्ली में तो कुछ ज्यादा ही ऐसी घटनाएं होती हैं। फिर पता नहीं क्यों एक ही मामले में इतनी दिलचस्पी ली जा रही है। अग्रवाल के बेतुके बयानों की वजह से सपा की पहले भी किरकिरी हो चुकी है। सपा महासचिव ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के बारे में टिप्पणी करते हुए पहले भी महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसके अलावा मोदी को चाय वाला बताकर भाजपा को सियासी मुद्दा भी थमा चुके हैं। अब उन्होंने महिला रिपोर्टर के साथ हुई घटना को रोजाना होने वाली बात कहकर फिर विवाद पैदा कर दिया है।