‘तानाशाही इंदिरा की नहीं चली, माया की क्या चलेगी’: मुलायम

लखनऊ|| समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने बीते दिन कटाक्ष करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी से ज्यादा ताकतवर नहीं हैं और जब श्रीमती गांधी की तानाशाही नहीं चली तो इनकी क्या चलेगी।

श्री यादव ने कहा कि सन 1975 में आपातकाल लगाकर श्रीमती गांधी ने तानाशाही की पराकाष्ठा का परिचय दिया था। समाजवादियों ने जनता के सहयोग से आपातकाल और पूर्व प्रधानमंत्री को उखाड़ फेंका था। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष सुश्री मायावती श्रीमती गांधी से ज्यादा ताकतवर नहीं हैं। इनकी तानाशाही प्रवृत्ति से त्नस्त जनता इन्हें सत्ता से उखाड़ फेंकेंगी और इनका घमंड चकनाचूर कर देगी।

सपा के आज से शुरू हो रहे तीन दिवसीय आन्दोलन को कुचलने के लिए मायावती सरकार पर सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आन्दोलन शुरू होने से पहले ही 15 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है।

श्री यादव ने कहा कि सरकार घबडाई हुई है। इसीलिए आन्दोलन शुरू होने के तीन दिन पहले से ही गिरफ्तारियां शुरू कर दी गयी हैं। इन गिरफ्तारियों को उन्होंने आन्दोलन की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसायीं जा रही हैं।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि सपा सरकार आने पर ऐसे अधिकारियों को दंडित किया जायेगा जो निदरेष कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रहे हैं। यादव ने कहा कि देवरिया, जौनपुर, गोरखपुर, मैनपुरी आदि जिलों में १५ हजार से अधिक सपा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है। आन्दोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यकर्ताओं पर संगीन अपराधिक धाराओं में मुकदमें दर्ज किये जा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा- आज गायब हो जायें और कल प्रकट हो जाये इससे आंदोलन सफल होगा। उनका कहना था कि सरकार के पास आंदोलन कुचलने के अलावा इस समय कोई काम नहीं है। सरकारी कामकाज ठप हो गया है।

उन्होंने वकीलों, छात्रों, व्यापारियों और पत्रकारों समेत समाज के सभी वगरे से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की क्योंकि आन्दोलन की सफलता से इस सरकार का घमंड टूटेगा और तानाशाही प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।