फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) तगादा करनें गयी महिला को गोली मारकर मौत के घाट उतारनें के मामले में न्यायालय नें एक भाई को 17 दिसंबर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी थी| वहीं आठ दिन बाद इसी मामले में दूसरे भाई को भी न्यायालय नें दोष सिद्ध कर दिया| उसकी सजा की सुनवाई के लिए 27 जनवरी की तिथि निहित की है| 
बीते 5 मार्च 2001 को नवाबगंज निवासी ह्रदेश कुमार पुत्र नन्हे लाल गुप्ता नें थाना नवाबगंज में मुकदमा पंजीकृत कराया था| जिसमे कहा था कि 4 मार्च को उनकी माँ विमला देवी ग्राम नगला दमू निवासी पप्पू उर्फ इंद्रेश पुत्र रामफल को दिये गये 40 हजार रूपये मांगने शाम 4 बजे गयीं थीं| उसी दौरान जब शाम 6 बजे तक घर नही लौटीं तो ह्रदेश अपने मामा सर्वेश कुमार के साथ तलाश करनें निकले तो रास्ते में बरतल जानें वाले तलैया के पास पप्पू उर्फ इंद्रेश अपने भाई लालू के साथ तमंचो से माँ विमला देवी की हत्या कर रहे थे| आरोपियों को रोंकनें के बाद भी उन्होंने गोली चला दी| जब टोंका तो दोनों भाई तमंचा लेकर ह्रदेश व उनके मामा सर्वेश को मारनें भागे| हदेश व सर्वेश नें रातभर छुपकर अपनी जान बचायी| दूसरे दिन मुकदमा दर्ज कराया| पुलिस नें दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी| अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी नें 17 दिसंबर को लालू उर्फ देवेन्द्र को आजीवन कारावास व 50 हजार के अर्थदंड से दंडित किया था| वहीं दूसरे आरोपी पप्पू उर्फ इंद्रेश को 24 जनवरी 2025 को दोषी करार दिया| जबकि सजा की सुनवाई के लिए 27 जनवरी की तिथि न्यायालय नें दी है| 



महिला की हत्या में दूसरा भाई भी दोष सिद्ध, एक को हो चुकी आजीवन कारावास



