फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देशन में एआरटीओ कार्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एआरटीओ-प्रशासन कृष्ण कुमार यादव, एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत एवं बीडीओ राजेपुर सुनील कुमार जायसवाल ने ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट देने आए आवेदकों तथा अन्य आगंतुकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान 48 लोगों ने प्रतिभाग किया।
एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने बताया कि दिसंबर 2025 तक जनपद फर्रुखाबाद में 490 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 284 लोगों की मृत्यु हुई। जबकि दिसंबर 2024 तक 390 दुर्घटनाओं में 213 लोगों की मौत हुई थी। इस प्रकार वर्ष 2025 में दुर्घटनाओं में 25.64 प्रतिशत तथा मृतकों की संख्या में 33.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
एआरटीओ-प्रशासन कृष्ण कुमार यादव ने आवेदकों को सचेत किया कि किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न करें, वाहन के सभी प्रपत्र पूर्ण रखें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करें। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों व सवारियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने तथा चार पहिया वाहन चालकों व सवारियों को सीट बेल्ट लगाने की हिदायत दी।
एआरटीओ-प्रवर्तन ने राह-वीर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि घातक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर (एक घंटे) के भीतर अस्पताल पहुंचाने पर, घायल के जीवित रहने की स्थिति में 25 हजार रुपये पुरस्कार का प्रावधान है। योजना में गंभीर सर्जरी, न्यूनतम तीन दिन अस्पताल में भर्ती, मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी की चोट अथवा इलाज के दौरान मृत्यु जैसे प्रकरण शामिल हैं। हिट एंड रन मोटर दुर्घटना पीड़ित मुआवजा योजना-2022 के अंतर्गत अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटना में मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने का प्रावधान बताया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई और सड़क सुरक्षा संबंधी साहित्य वितरित किया गया।
ड्राइविंग लाइसेंस आवेदकों को सड़क सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक



