फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद के नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फँसाने का गंभीर आरोप लगा है। चिकित्सक शिकायतों को निराधार बता रहे हैं।
ग्राम हरदुआ थाना नवाबगंज निवासी रमेश चंद्र पुत्र स्व. किताब सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मामले को जांच कराए जाने की मांग की है।पीड़ित का आरोप है कि डॉ. लोकेश शर्मा की ओर से 27 अक्तूबर 2025 को एक फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके आधार पर राजवीर पुत्र रामनिवास निवासी हरवुआ वबना थाना नवाबगंज की तहरीर पर उनके खिलाफ मुकदमा संख्या गंभीर धाराओं में दर्ज कराया गया। रमेश चंद्र का कहना है कि यह मुकदमा पूरी तरह झूठा है और घटना का कोई वास्तविक आधार नहीं था। आरोप यह है कि जिस दिन मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई, उस दिन डॉ. लोकेश शर्मा सीएचसी पर उपस्थित ही नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में रिपोर्ट तैयार की गई और उनके नाम से हस्ताक्षर व सील लगाई गई। प्रार्थी ने इस संबंध में वीडियो और ऑडियो साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं, जिनसे यह साबित होता है कि डॉक्टर उस समय अस्पताल में मौजूद नहीं थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट में चोटों को “ताज़ा” बताया गया, जबकि वे तीन से चार दिन पुरानी थीं। इससे स्पष्ट होता है कि मेडिकल रिपोर्ट बिना परीक्षण के फर्जी तरीके से तैयार की गई। रमेश चंद्र का आरोप है कि सीएचसी नवाबगंज में इस तरह का “रैकेट” चल रहा है, जहाँ पैसों के लेनदेन के आधार पर फर्जी मेडिकल रिपोर्टें तैयार की जाती हैं और निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फँसाया जाता है।उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी चिकित्सक और संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई की जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे की जांच कर उसका निराकरण किया जाए।
डॉक्टर पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाने का आरोप



