फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जंगली जानवर का खतरा लगातार बना बना हुआ | ग्रामीणों के द्वारा तेंदुआ होनें का दावा किया जा रहा है लेकिन वन विभाग उसे कोई जंगली जानवर बता रहा है| जंगली जानवर नें एक घूमन्तु भैस के बच्चे का शिकार किया| जिसका वन विभाग की टीम नें पोस्टमार्टम भी कराया| जिसके हिसाब से तेंदुआ होनें की पुष्टि नही हुई| लेकिन मजे की बात है कि जंगली जानवर को रेस्क्यू करनें के लिए जा रही वन विभाग की टीम के पास सुरक्षा के नाम पर लाठी के अलावा कोई उपकरण नही है|
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम पचपुखरा में बीती रात गाँव ले निकट मुर्गी फार्म के पास किसी बड़े जंगली जानवर नें एक को अपना शिकार बना लिया| जानवरों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण घर से निकले| ग्रामीण सुरेन्द्र व प्रदीप का दावा है कि तेंदुआ था| सूचना मिलने पर शनिवार को डीएफओ प्रत्युष कटियार, थाना प्रभारी बलराज भाटी मौके पर पंहुचे और जाँच पड़ताल की|
बिना सुरक्षा उपकरणों के वन कर्मी खुद नही सुरक्षित
दरअसल बीते 9 दिसंबर को थाना मऊदरवाजा के ग्राम नूरपुर में तेंदुआ नें हमला किया था|उसने वन विभाग के वन दारोगा तावेज, वन रक्षक सचिन व वन रक्षक सिद्धार्थ देवानंद दुबे को घायल किया था| बीते 25 दिसंबर को भी नूरपुर क्षेत्र में जंगली जानवर सीसीटीवी में कैद हुआ था| जहानगंज क्षेत्र में भी एक कुत्ते के बच्चे को जंगली जानवर उठा ले गया था| जहाँ भी ग्रामीणों को जंगली जानवर दिखता है तो वन विभाग को सूचना दी जाती है| लेकिन मजे की बात है कि वन विभाग के कर्मियों के पास कोई भी सुरक्षा उपकरण अपने बचाव के लिए नही हैं| यदि रेस्क्यू के समय जंगली जानवर नें हमला किया तो सिवाय जान के खतरे के कोई भी बचाव नही है|
डीएमओ प्रत्युष कटियार नें जेएनआई को बताया कि भैस के बच्चे का शिकार करने वाला तेंदुआ नही था| भैस के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है| टीम लगातार एक्टिव है| सुरक्षा उपकरण के लिए अधिकारियों को पत्राचार किया गया है| अभी तक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध ही नही हुए हैं|
जंगली जानवर ने भैस के बच्चे का किया शिकार, बिना सुरक्षा रेस्क्यू कर रहे वन कर्मियों की आफत



