फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) पुलिस चौकी में बुलाकर युवक की पिटाई के बाद युवक द्वारा आत्महत्या करनें के मामले में जेल में निरुद्ध दो सिपाहियों व लोधी नेता को न्यायालय से जमानत मंजूर हो गयी है|
बीते 14 जुलाई को थाना मऊदरवाजा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुतासी के मजरा गांव छेदा नगला निवासी 25 वर्षीय दिलीप राजपूत ने अपने कमरे में साड़ी से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।मृतक दिलीप के पिता राम रहीश ने कहा था कि मृतक दिलीप की पत्नी नीरज की शिकायत पर हथियापुर चौकी पुलिस ने दिलीप व उसे चौकी बुलाया। इस दौरान दिलीप से मारपीट की गई। शाम को पुलिस कर्मियों ने 40 हजार रुपये लिए और नीरज से समझौता लिखवाकर दिलीप को छोड़ दिया। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने उनके
साथ भी गाली-गलौज की। इसी से आहत होकर दिलीप ने खुदकुशी की है। मामले में मृतक के पिता रामरहिस नें दिलीप के ससुर वानवारी लाल, साला राजू , लोधी नेता रजनेश राजपूत के साथ ही हथियापुर पुलिस चौकी के सिपाही यशवंत यादव, सिपाही महेश उपाध्याय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था| 17 जुलाई को निलंबित सिपाही यशवंत यादव, महेश उपाध्याय व पुलिस पर सत्ता का दबाब बनाकर
पिटाई करानें वाले लोधी नेता रजनेश राजपूत को न्यायालय नें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा था| शुक्रवार 1 अगस्त को सेशन न्यायाधीश नीरज कुमार नें मामले में सुनवाई के दौरान निलंबित सिपाही यशवंत यादव, महेश उपाध्याय व रजनेश राजपूत की जमानत मंजूर कर ली| उन्हें एक लाख रूपये का निजी बंधपत्र, समान राशि के दो प्रतिभू सम्बन्धित न्यायालय की संतुष्टी के अनिरूप दाखिल करनें पर जमानत पर रिहा किया जायेगा|
चौकी में युवक की पिटाई में दोनों निलंबित सिपाहियों व लोधी नेता को मिली जमानत



