फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला) दर्जनों की संख्या में खुल चुके कई निजी स्कूल नियम-कानून को ताक पर रखकर नौनिहालों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जर्जर और खटारा वाहनों से स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों को घर से लेकर स्कूल तक ले जाने का काम किया जा रहा है लेकिन संबधित विभाग और उसके पदाधिकारी के अलावा स्थानीय पुलिस का भी इस ओर ध्यान नहीं है! कुछ स्कूल विभागीय नियमों के अनुसार संचालित किए जाने का दावा करते हैं। यातायात माह भी चल रहा है, उसके बाद भी खटरा टैम्पों नौनिहालों को ढो रहे है|
सोमवार को एक खटारा टैम्पों की चेंचिस ही टूट गयी, जिससे उसमे बैठे मासूमों की जान पर बन गयी, एक दो बच्चो के चोट भी लगी| अब तय यह करना है कि जिम्मेदार कौन है जो विद्यालय साल का लाखों फीस लेनें के बाद भी खटारा वाहनों से बच्चो का परिवहन करा रहा है, अभिभावक जो लाखों फीस देने के बाद इसका विरोध नही करते या फिर इन पर शिकंजा कसने की जिम्मेदारी जिसे दी गयी है वह पुलिस?
दरअसल नेकपुर चौरासी क्रासिंग के सामने स्थित स्थित एक नामी स्कूल के बच्चे अवकाश होनें के बाद एक खटरा टैम्पों से आ रहे थे, उसी दौरान कादरी गेट थाना क्षेत्र के लाल गेट के निकट टैम्पों की चेंचिस अचानक टूट गयी, जिससे टैम्पों अनियंत्रित होकर एक बाइक में घुस गया, जिससे बाइक छतिग्रस्त हो गयी, जबकि टैम्पों चालक टैम्पों व बच्चो को मौके पर छोड़कर फरार हो गया| बाद में परिजन पंहुचे और अपने बच्चे घर ले गये, एक गोलू नाम का छात्र चुटहिल भी हुआ| वह तो गनीमत रही कि घटना में एक ही छात्र घायल हुआ, अन्यथा कोई बड़ी घटना घट सकती थी।
टैम्पों में ना नम्बर प्लेट ही लगी थी और ना ही नियम कानून का कोई ध्यान रखा गया था, टैम्पों की हालत इतनी खस्ता थी कि उसकी चेंचिस ही टूट गयी, टैम्पों मालिक खाकी के करीबी बताये जा रहे हैं| उधर यातायात माह चल रहा है, लोगों को परिवहन के नियमों को ना तोड़ने की सलाह दी जा रही है, इसके बाद भी इस तरह से खस्ता हाल वाहन बेरोंक टोंक कैसे विचरण कर रहें हैं? यह बड़ा सबाल है| अधिकांश स्कूली वाहनों में खिड़की पर जाली नहीं है। भूसे की तरह बच्चों को ढोया जा रहा है। प्राथमिक उपचार और अग्निश्मन यंत्र भी नहीं लगे हैं। कई वाहन बिना परमिट के चल रहे हैं। बिना लाइसेंस वाले चालकों से भी स्कूली वाहन चलवाया जा रहा है। वाहनों की गति पर कंट्रोल नहीं है। इससे साफ है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति स्कूल प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। परिवहन विभाग भी आँखें मूंदे है!
यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार ने बताया कि जिस टैम्पों की चेंचिस टूटी है, उसके खिलाफ ट्राफिक पुलिस कार्यवाही करेगी और आगे भी इस तरह के वाहनों पर कार्यवाही की जायेगी| किसी भी अमानक वाहन को चलने नही दिया जायेगा|
यातायात माह: खटारा टैम्पों से ढोए जा रहे थे नौनिहाल, बड़ा हादसा टला


