फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता)गलारपुर में निरस्त की गई सस्ता गल्ला दुकान के चयन के लिए बुलाई गई खुली बैठक पर्याप्त उपस्थिति न होने के कारण स्थगित करनी पड़ी। बैठक में अपेक्षित संख्या में ग्रामीणों के न पहुंचने से अब गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल उठ रहा है कि यह केवल ग्रामीणों की उदासीनता थी या इसके पीछे गुटबाजी और राजनीतिक खींचतान भी कारण बनी।
निर्धारित तिथि पर एडीओ विकास सक्सेना, एडीओ (कृषि) जितेंद्र कुमार तथा एनआरएलएम से वीरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और चयन प्रक्रिया प्रारंभ की गई। ग्राम की आबादी लगभग 2100 है, जबकि कुल 832 मतदाता दर्ज हैं। नियमानुसार कोरम पूरा करने के लिए करीब 277 ग्रामीणों की उपस्थिति आवश्यक थी, लेकिन बैठक में मात्र 95 लोग ही पहुंचे।
पर्याप्त संख्या न होने के कारण चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और बैठक को स्थगित कर दिया गया। इस दौरान प्रत्याशी रचना ने नामांकन दाखिल किया, परंतु कोरम अधूरा रहने से आगे की कार्यवाही संभव नहीं हो सकी। गांव में चर्चा है कि राशन दुकान को लेकर बनी गुटबाजी और अंदरूनी राजनीति के चलते कई लोगों ने बैठक से दूरी बनाई। वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि बैठक की सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं हो सका, जिसके कारण पर्याप्त भीड़ नहीं जुट पाई।
सूचना मिलने के बावजूद पुलिस के मौके पर न पहुंचने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि अगली निर्धारित तिथि पर प्रशासन ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर पाता है या फिर राजनीतिक समीकरण एक बार फिर चयन प्रक्रिया पर भारी पड़ते हैं।
कोरम अधूरा, गलारपुर में टला सस्ता गल्ला दुकान का चयन-उदासीनता या अंदरूनी राजनीति?



