फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैली कथक को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से, बिरजू महाराज कथक संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार) के तत्वावधान में एक ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य कार्यशाला (2025-26) का आज उद्घाटन आवास विकास कॉलोनी स्थिति एक स्कूल फर्रुखाबाद में किया गया है। इस सात दिवसीय कार्यशाला का संचालन कथक प्रशिक्षिका अंजलि चौहान के द्वारा किया जाएगा| जो कथक में विशिष्ट अनुभव रखती हैं एवं हाल ही में उत्तर प्रदेश संगीत
नाटक अकादमी, लखनऊ के द्वारा बच्चों को सफलतापूर्वक कथक नृत्य कार्यशाला का प्रशिक्षण दिया हैं! कार्यशाला 14 जून से 20 जून 2025 तक आयोजित होगी , जिसमें विद्यार्थियों को कथक की परंपरागत तकनीकों, ताल, भाव, मुद्रा, एवं प्रस्तुति की बारीकियाँ सिखाई जाएँगी। इस कार्यशाला की विशेष बात यह है कि बिरजू महाराज कथक संस्थान, लखनऊ और संस्कृति विभाग, उ.प्र. की ओर से उन विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जो प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर कार्यशाला के प्रारम्भ सत्र का उद्घाटन करते हुए डॉ. रजनी सरीन ने कहा कि अपने सांस्कृतिक मूल्यों से
जुड़ने के लिए संगीत और नृत्य अत्यंत सशक्त माध्यम है कत्थक उत्तर प्रदेश का प्रमुख नृत्य है बिरजू महाराज कत्थक संस्थान जन जन तक पहुंचने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है । उन्होंने प्रशिक्षण सत्र की सफलता की शुभकामनाएं दी । इस अवसर पर बोलते हुए भूपेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि फर्रुखाबाद में प्रतिभाओं की कमी नही है अब उन्हें निखरने का सशक्त माध्यम मिल रहा है ।सभी नृत्य प्रेमी विद्यार्थी एवं अभिभावकों से निवेदन है कि इस अवसर का लाभ लें और बच्चों को भारतीय शास्त्रीय कला से जोड़ें। इस अवसर पर अनिल प्रताप सिंह , कृष्ण सिंह चौहान ,विमल राठौर , जसवीर राठौर ,रश्मि सिंह निखिल कुदेशिया , शाश्वत सोमवंशी आदि रहे|
कार्यशाला में बतायीं कथक की बारीकियाँ



