कांग्रेस में पैसे लेकर टिकट बेचे गए- बेनी

लखनऊ : केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी और इसके मुखिया मुलायम सिंह यादव पर हमला बोलते-बोलते अचानक रुख बदला और खुद अपनी ही पार्टी पर हमलावर हो गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में पैसे लेकर टिकट बेचे गए। कांग्रेस को बरबाद करने वाले खुद आबाद होते चले गए।

अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए वर्मा ने कहा कि विगत विधान सभा चुनाव के समय साजिश के तहत अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय द्वारा मुसलमानों को 4.5 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव लाया गया हालांकि जिस कैबिनेट बैठक में इसे पारित किया गया उसमें वह मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 72 साल की हो चुकी है और वह सच बोलेंगे भले ही आलाकमान नाराज हो जाए। मेरे जीवन का लक्ष्य राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है।

[bannergarden id=”8″][bannergarden id=”11″]
बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि गत विधानसभा चुनाव में गोण्डा, बाराबंकी और रायबरेली में कांगेस का धन सपा प्रत्याशियों को दिया गया। कांगेस के कुछ लोग सपा की बी टीम बन गए। कांग्रेस दफ्तर से सपा को ब्रीफिंग की जाती थी। बीस सालों से कांग्रेस ही कांग्रेस को हराती रही है और कांग्रेस को बर्बाद करने वाले सरकारी मकान और सुरक्षा लेकर मौज करते रहे। राहुल गांधी सब समझ रहे हैं और दोषियों का सजा जरूर मिलेगी। बहुत कुरेदने पर भी उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। बस यही कहा कि आप लोग सब कुछ जानते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ राज्यों में विधान सभा चुनाव के समय यह जानते हुए कि धर्म आधारित आरक्षण असंवैधानिक है, एक साजिश के तहत पिछड़ी जातियों के आरक्षण में कटौती करते हुए मुस्लिमों को आरक्षण दिया गया और इसका नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा तमाशा क्या हो सकता है कि प्रदेश में निर्दलीय 20-25 की संख्या में जीतते हैं जबकि राष्ट्रीय पार्टी इतने भी विधायक नहीं जिता पाती।

इसके पहले उन्होंने सोमवार को बहराइच जिले में कार्यक्रम के दौरान सपा के लोगों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को प्रायोजित और पूर्व नियोजित बताया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैनपुरी में सपा प्रमुख मुलायम को हराने के लिए वह बसपा प्रमुख मायावती से भी दोस्ती कर सकते हैं। वर्मा ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि पेशी के दौरान मरने वाले खालिद मुजाहिद को दरअसल खाने में जहर देकर मारा गया। सपा के लोगों ने डाक्टर्स पर इस बात के लिए दबाव भी बनाया था कि वे मौत का कारण हार्ट अटैक बताएं।