कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के टूर पर उठे सवाल, अधिकतर छात्राओं में निराशा

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद के कमालगंज, राजेपुर, शमशाबाद, कायमगंज और नवाबगंज में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं के आईआईटी कानपुर शैक्षणिक भ्रमण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभाग द्वारा ड्रॉप आउट छात्राओं को बाहरी शैक्षणिक माहौल से जोड़ने और उच्च शिक्षण संस्थानों की जानकारी देने के उद्देश्य से टूर आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। सूत्रों के अनुसार पांचों विद्यालयों के इस भ्रमण कार्यक्रम पर करीब सात लाख रुपये खर्च होने की चर्चा है।
बुधवार को शमशाबाद और कायमगंज विद्यालय की लगभग डेढ़ सौ छात्राओं को चार बसों से आईआईटी कानपुर के लिए रवाना किया गया। बताया गया कि बसों को बीएसए कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर भेजा गया। हालांकि यात्रा के दौरान छात्राओं को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल सकीं। कई छात्राओं को चाय-नाश्ता नहीं मिल पाया, जबकि रास्ते में केवल आधा लीटर पानी की बोतल और छोटा नमकीन पैकेट दिया गया। बाद में लंच बॉक्स वितरित किया गया तथा एक ढाबे पर भोजन की व्यवस्था कराई गई।
आईआईटी परिसर में छात्राओं ने करीब दो घंटे तक शिक्षकों से संवाद किया और संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। देर शाम छात्राएं वापस लौटीं, जहां रास्ते में एक बार फिर भोजन कराया गया। इस दौरान चर्चा यह भी रही कि जिस विद्यालय की छात्राएं टूर में शामिल नहीं थीं, उस विद्यालय की लेखाकार भ्रमण पर जाती देखी गईं। हालांकि संबंधित कर्मी फोटो और वीडियो से दूरी बनाती नजर आईं।
गुरुवार को अन्य विद्यालयों की छात्राओं को भी टूर पर भेजे जाने की सूचना दी गई थी, जिससे छात्राएं देर रात तक तैयारी करती रहीं। लेकिन सुबह अचानक कार्यक्रम स्थगित होने की जानकारी मिलने पर छात्राओं में भारी निराशा फैल गई। सूत्रों के मुताबिक टूर के खर्च और व्यवस्थाओं को लेकर वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। वहीं जिला समन्वयक बालिका शिक्षा सुनील सिंह ने बताया कि अब शेष विद्यालयों की छात्राओं का टूर होली के बाद भेजा जाएगा।