‘बा’ विद्यालय में डिजिटल बाजीगरी कर पोर्टल पर ‘सेल्फी गेम’ जिम्मेदार मौन

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में इन दिनों उपस्थिति पोर्टल पर फोटो अपलोड करने को लेकर गंभीर अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। शिक्षिकाएँ और शिक्षणेत्तर कर्मचारी घर बैठकर ही ऐप के साथ छेड़छाड़ कर अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड कर उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह सब विभागीय जिम्मेदारों की जानकारी में होने के बावजूद अनदेखा किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
जनपद में कमालगंज, राजेपुर, शमशाबाद, नवाबगंज व कायमगंज में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित है, इसमें ड्रॉप आउट बच्चियों के लिए शिक्षा की व्यवस्था की गई है, यहां प्रात: 8 बजे से 8:15 तक फोटो विभाग के पोर्टल पर अपलोड करनी होती है, 8:15 के बाद से पोर्टल नहीं खुलता है, उसके बाद अवकाश के समय ही पोर्टल खुलता है, मजे की बात की है कि कई कर्मचारी सुबह की फोटो ब्रह्म मुहूर्त में 4:00 बजे ही अपलोड कैसे अपलोड कर देते हैं, व शाम की फोटो देर रात तक पोर्टल पर अपलोड कर ‘ग्रीन शो’ कराने में सफल हो जाते हैं। इतना ही नहीं, कुछ स्थानों पर यह भी देखा गया है कि शिक्षिकाएँ स्कूल में महज एक-दो घंटे ही रहती हैं और उसके बाद घर लौट जाती हैं। बावजूद इसके, पोर्टल पर उनकी पूरी ड्यूटी दिखाई जाती है। मामले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि सरकारी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह पोर्टल बनाया गया था, लेकिन तकनीकी छेड़छाड़ ने इसे मजाक बना दिया है। छात्राओं की पढ़ाई और अनुशासन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय का उद्देश्य बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देना है। यदि शिक्षिकाएँ समय से विद्यालय में उपस्थित ही नहीं रहेंगी तो पढ़ाई का स्तर कैसे सुधरेगा? विभागीय अधिकारी इन गड़बड़ियों से पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। इससे कर्मचारियों को खुली छूट मिल रही है!
उच्चाधिकारियों को मामले की गहन जाँच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही पोर्टल प्रणाली को और सुरक्षित व पारदर्शी बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी हेराफेरी दोबारा न हो सके और विद्यालय की व्यवस्था दुरुस्त की जा सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुपम अवस्थी नें बताया कि यदि यह चल रहा है तो मामला गंभीर है, जाँच करायी जायेगी| यदि कोई दोषी नजर आया तो कार्यवाही होगी|