कई घंटे धरना प्रदर्शन के बाद पालीटेक्निक में डिप्टी डायरेक्टर ने लिये बयान

फर्रुखाबाद: राजकीय पालीटेक्निक फतेहगढ़ में संस्था में पढ़ने के लिए जाने वाली छात्राओं पर संस्थान के ही छात्रों द्वारा छींटाकसी किये जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया था। जिसके चलते छात्रायें पालीटेक्निक के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन पर बैठ गयीं और कालेज के प्रधानाचार्य व आरोपी छात्रों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। धरने के बाद कई घंटे इंतजार करने के बाद छात्राओ ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी विनोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने समस्या को भांपते हुए घटना स्थल पर पीएसी तैनात करा दी। जिसके बाद पालीटेक्निक के डिप्टी डायरेक्टर मौके पर पहुचे और छात्राओं की समस्यायें सुनीं। इस दौरान छात्राओं ने कालेज के प्रधानाचार्य पर छात्रों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।

पाटीटेक्निक कालेज के डिप्टी डायरेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद के साथ उनके लिपिक दिनेश कुमार झांसी से तकरीबन 1 बजे पालीटेक्निक संस्थान पहुंचे। लेकिन मुख्य द्वार पर ही पीजीडीसीए के छात्र छात्रायें कालेज के प्रधानाचार्य डी के वर्मा व आरोपी छात्रों के खिलाफ मोर्चा खोले थे। डिप्टी डायरेक्टर ने छात्राओं को अंदर चलने के लिए कहा तो छात्रायें भड़क गयीं और मौके पर ही वार्ता करने की बात कही। जिस पर डिप्टी डायरेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद ने धरना स्थल पर ही छात्राओं की समस्यायें सुनीं तो छात्राओं ने कालेज के हास्टल में रह रहे छात्रों द्वारा छींटाकसी व अभद्र भाषा का प्रयोग किये जाने की बात बतायी। टीडीपी ट्रेड के छात्रों पर आरोप लगाये गये। इस दौरान डिप्टी डायरेक्टर ने छात्राओं से कहा कि संस्थान में छात्राओं के साथ इस तरह का कृत्य बहुत ही निंदनीय है। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर संस्थान के अंदर गये। टीडीपी के छात्रों से बात करना शुरू किया। लेकिन तब तक छात्र अंदर का परिसर खोलने के लिए तैयार हो गये और डिप्टी डायरेक्टर ने प्रधानाचार्य बीडी शर्मा के कार्यालय में बैठकर एक एक कर समस्यायें सुनना शुरू किया।

सपा नेता सुषमा जाटव बिफर गयीं जो इस प्रकरण में छात्राओं की तरफ से पहुंचीं थीं। अन्य लोगों ने भी इसका विरोध जताया। जिसके बाद डिप्टी डायरेक्टर ने छात्राओं के परिजनों को अंदर बुलाकर बातचीत शुरू की। एक एक कर 15 छात्राओं के वयान डिप्टी डायरेक्टर ने दर्ज किये। लेकिन पूरे मामले को लेकर पीड़ित छात्रायें मायूस दिखायी पड़ीं।
डिप्टी डायरेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद ने बताया कि तकरीबन ढाई सौ छात्रों से लिखित रूप से कुछ बातों पर हस्ताक्षर करवाये गये हैं। उन्होंने बताया कि मामले की रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी जायेगी। दोषी के खिलाफ कार्यवाही होगी।