फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद में किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर जनपद में उर्वरकों की आपूर्ति, वितरण और उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। जिलाधिकारी रोजाना सुबह जिला कृषि अधिकारी एवं उर्वरक से जुड़े सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा उर्वरक वितरण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जिला कृषि अधिकारी बी.के. सिंह ने बताया कि माह दिसम्बर 2025 के लिए जनपद को निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। यूरिया का लक्ष्य 41,651 मीट्रिक टन के सापेक्ष 47,946 मीट्रिक टन (115 प्रतिशत), डीएपी 13,927 मीट्रिक टन के सापेक्ष 25,666 मीट्रिक टन (184 प्रतिशत), पोटास 3,710 मीट्रिक टन के सापेक्ष 11,217 मीट्रिक टन (302 प्रतिशत), एनपीके 16,987 मीट्रिक टन के सापेक्ष 30,999 मीट्रिक टन (182 प्रतिशत) तथा सिंगल सुपर फास्फेट 11,196 मीट्रिक टन के सापेक्ष 18,801 मीट्रिक टन (168 प्रतिशत) उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने बताया कि इफको यूरिया की एक रैक जनपद को प्राप्त हो चुकी है, जिससे 29,720 बोरी यूरिया सीधे सहकारी बिक्री केन्द्रों को भेजी जा रही है। आगामी तीन दिनों में गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर कम्पनी की डीएपी 4,200 बोरी, एनपीके 19,140 बोरी, कृमको कम्पनी की 29,400 बोरी यूरिया तथा मैट्रिक्स फर्टिलाइजर कम्पनी की 51,445 बोरी यूरिया की रैकें प्राप्त होंगी। इसके अतिरिक्त सड़क मार्ग से भी इण्डोरामा कम्पनी की यूरिया आपूर्ति लगातार की जा रही है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी विक्रेता द्वारा उर्वरक की ओवररेटिंग की गई या मुख्य उर्वरक के साथ अनावश्यक टैगिंग की गई, तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। अब तक अधिक मात्रा में उर्वरक विक्रय करने पर 7 लाइसेंस निरस्त, 22 लाइसेंस निलंबित और एक दुकान सील की जा चुकी है। आगे भी नियमित जांच जारी रहेगी।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय खतौनी और आधार कार्ड अवश्य साथ लेकर जाएं, ताकि भूमि के अनुपात में उर्वरक मिल सके। जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों की मांग से अधिक स्टॉक उपलब्ध है। किसान भाई अनावश्यक भंडारण न करें, आवश्यकतानुसार उर्वरक लगातार उपलब्ध कराया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी बीके सिंह नें बताया की यदि ओवररेटिंग करने वाले के खिलाफ सख्त कार्यवाही होंगी| जिलाधिकारी इस मामले कों लेकर सख्त है|
ओवररेटिंग व जबरन टैगिंग पर सख्त चेतावनी, दोषी विक्रेता जाएंगे जेल



