अल्लाह की पनाह में ईद की नमाज अदा कर गले मिल दी बधाई

फर्रुखाबाद: बीते एक माह तक चले रमजान के महीने के बाद बीते दिन जैसे ही चांद का दीदार हुआ लोगों में एक दूसरे को बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हो गया। ईद की नमाज के लिए मौलानाओं ने घोषणा की। हालांकि शहर की दोनो मस्जिदों में अलग अलग नमाज का समय रखा गया। लेकिन लोगों ने सुबह 7 बजे से ही ईदगाह पहुंचना शुरू कर दिया। देखते देखते शहर की मस्जिदों में नमाज अदा करने वालों की भारी भीड़ एकत्र हो गयी। फतेहगढ़ ईदगाह, फर्रुखाबाद की नई ईदगाह व पुरानी बड़ी ईदगाह में नमाजियों की भारी भीड़ एकत्र हुई।

सोमवार को ईद.उल.फितर की धूम है और हर तरफ रौनक दिखाई दी। दिल्ली में सोमवार को ईद .उल .फितर का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इसी के साथ पवित्र रमजान महीने की समाप्ति हो गई। नए.नए कपड़ों में सजे.धजे मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग विभिन्न मस्जिदों में एकत्र हुए। हर तरफ ृईद मुबारकृ का स्वर ही सुनाई दे रहा था। शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। ईद मुबारक की गूंज पूरे वातावरण में फैल गई है।
शहर की बड़ी व छोटी ईदगाह में अलग-अलग समय पर नमाज अदा करायी गयी। नई ईदगाह में पहले नमाज अदा की गयी जहां हाफिज जलील ने नमाज अदा करायी। वहीं पुरानी ईदगाह में मौलाना मुफ्ती मुअज्जम अली ने नमाज अदा करायी। इस दौरान कहा गया कि अल्लाह का सच्चा बंदा वही है जो उनके बताये हुए उसूलों पर चलता है। इस दौरान कहा गया कि मुस्लिमों को चाहिए कि वह पूरी वफादारी के साथ अल्लाह की इबादत करें और दुआ करें कि देश में अमन और शांति कायम रहे। अल्लाह सभी को बरकत दे।

इसके बाद सभी ने एक दूसरे को ईद की गले मिलकर बधाइयां दीं। मित्रों और परिजनों को पारंपरिक पकवान भेंट किये गये।  उपहारों का भी आदान-प्रदान किया गया और फिर पारिवारिक दावते हुईं। सेवईयां, फिरनी, बिरयानी, कबाब और अन्य कई व्यंजन ईद के अवसर पर खास तौर एक दूसरे के घर जाकर लुत्फ उठाया। इस अवसर पर बच्चों को अपने बड़ों से प्यार के रूप में मिलने वाली `ईदी` का खास इंतजार रहा।  बच्चे ईदी पाकर खुश नजर आये।