अर्धांगनी ने अपने अर्धनारीश्वर के सरेआम जड़े तमाचे

फर्रुखाबाद| पति महाशय शायद यह भूल गए कि यह कलियुग है द्वापर व सतयुग नहीं जिसमे पत्नी अपने अर्धनारीश्वर के लिए यमराज व देवी देवताओं से भी भिड़ जाया करती थीं| इस युग में उस पत्नी को तलाश करने की भूल बिलकुल न करें नहीं तो इसका खामियाजा इन जनाव की तरह भुगतना पड़ेगा जिसमे एक अर्धांगनी ने अपने अर्धनारीश्वर की सरेआम कचहरी में ही तमाचे मारकर याद दिला दिया कि मुझे सती सावित्री समझने की भूल न करें| शायद पति महाराज को भी अपने गाल पर पड़े तमाचे से भूल का एहसास भी हो गया होगा|

हुआ यूं कि कचहरी में आज एक महिला ने तारीख पर आये पति को थप्पड़ रसीद कर दिये। महिला का साहस देख उसके समर्थन में कई महिलाएं आगे आ गईं। पति बेचारे और अधिक तमाचे रसीद न हो जाएँ इस लिए बेचारे पिटाई से बचने के लिए दबे पांव नौ दो ग्यारह हो गए|

आज सुबह 9 बजे भरण पोषण के मुकदमे में कादरीगेट की रहनेवाली रूपा तथा मिरगवां गुरसहायगंज निवासी पति सुनील पैरवी को आया था। न्यायालय कैंटीन के पास मुकद्दमेबाजी को लेकर दोनों में बातचीत हो रही थी। पत्नी रूपा का अपने पति सुनील से कहना था कि कैसे मानोगे, पति ने बेरुखी से जवाब दिया। इतना सुनते ही महिला ने पति के थप्पड़ रसीद कर दिये। मारपीट होते देख मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। तारीख पर आयी अन्य महिलाएं भी रूपा के समर्थन में आ गईं। आखिर समर्थन भी क्यों न करें?  महिलाओं को समाज में सिर उठाने का व कदम से कदम मिलाने का दर्जा जो मिल गया और रही बात बिरादरी की|

बैसे तो आप जानते ही होंगे कि एक महिला दूसरी महिला की उन्नति व रुतावे से हमेशा जलन रहती है लेकिन जब बात महिलाओं पर अत्याचार की हो तो सब एक हो जातीं हैं| इसी एकता के चलते पत्नी से पिटे पति को आखिर मौके से बचकर निकलना पड़ा।

रूपा का विवाह करीब 6 वर्ष पूर्व हुआ था। रूपा का पति अक्सर बाहर रहता है। वह पत्नी को साथ नहीं रखता। उसने पत्नी के खिलाफ कन्नौज न्यायालय में मुकद्दमा भी कर रखा है। मुकदमे की पैरवी से परेशान महिला पति को समझाकर समझौता चाहती थी लेकिन पति की बेरुखी पर वह बिगड़ गई।