फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) अक्तूबर का आखिरी सप्ताह होते ही मौसम ने करवट ले ली है। सोमवार को सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर तक हल्की बूंदाबांदी होती रही। मंगलवार को भी सुबह से ही बूंदाबांदी चालू है, तापमान में गिरावट होने से लोगों को सर्दी का एहसास हुआ।
मंगलवार सुबह के समय बादलों की घनी परत के कारण सूरज की किरणें दिन चढ़ने तक धरती पर नहीं
पहुंच सकीं। हल्की बारिश के चलते सड़कें गीली सी हो गईं। लोगों ने सुबह-सुबह हल्के गर्म कपड़ों का सहारा लिया। मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों को नवंबर की शुरुआत जैसा एहसास कराया।
मौसम का असर बाजारों में भी दिखा। दुकानदारी के बीच लोग चाय और समोसे की दुकानों पर गर्माहट लेने पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बदलते मौसम का आनंद लिया। वहीं, किसानों ने कहा कि यह बूंदाबांदी धान की कटाई के काम में थोड़ी रुकावट जरूर डाली। अगले 24 घंटे तक बादल छाए रहने
और कहीं-कहीं हल्की फुहारें पड़ने की संभावना है। अक्तूबर के अंतिम दिनों में आई यह ठंडक अब आने वाली ठिठुरन भरी सर्दियों की दस्तक मानी जा रही है। लोग अब रात में हल्के कंबल निकालने लगे हैं।
बूंदाबांदी से धान की फसल पर संकट
जिले भर में बीते सोमवार सुबह से ही बादल छाए रहे। इससे मौसम में ठंडक घुल गई। हल्की बूंदाबांदी होती रही। बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय खेतों में धान की फसल कटी पड़ी है, जिसे किसान उठाने की तैयारी में थे। वहीं, आलू की बोआई के लिए कई किसानों ने पलेवा कर खेत तैयार कर दिए हैं। बारिश धान की तैयार फसल को नुकसान पहुंचा सकती है।
हल्की बूंदाबांदी से मौसम में अल्प ठंडक



