स्कूल विलय के विरोध में अध्यापकों का प्रदर्शन

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद के परिषदीयों के विलय की प्रक्रिया चल रही है| मामले को रोंकनें के लिए हाईकोर्ट में डाली गयी याचिका को भी खारिज कर दिया गया| जिससे अब विलय प्रक्रिया में कोई रुकावट नही बची है| जनपद के 50 से कम बच्चों वाले विद्यालय को विलय किया जाना है| लिहाजा अब उसका विरोध सड़क पर भी शुरू हो गया है| अध्यापकों नें धरना प्रदर्शन कर विलय प्रक्रिया पर रोंक लगानें की मांग की है|
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यलय परिसर में शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया| उसके बाद पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पंहुचे और मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा| संघ के जिला संयोजक नें कहा कि अवनीश चौहान ने कहा कि 100 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालय, 150 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों हेडमास्टर विहीन किया गया है| वहीं अब 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को निकट के स्कूलों में विलय किया जा रहा है| लिहाजा जिन गाँव से दूर इस्कूल होगा तो बच्चो को जानें में तकलीफ होगी| वहीं रसोईयों की भी छटनी होगी| लिहाजा उन्होंने स्कूलों के विलय पर रोंक लगानें की मांग की| इसके साथ ही 1 अप्रैल 2005 के बाद तैनाती पाए अध्यापकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाये| दस लाख रूपये के सामूहिक बीमा का लाभ मिले| इस दौरान सह-संयोजक राजकिशोर शुक्ला, राकेश यादव, गजेन्द्र सिंह, श्याम सिंह यादव, राजीव राजपूत, डॉ. उपेन्द्र गंगवार, मीना परिहार, सत्यभामा राठौर आदि रहे|
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