सीएमओ कार्यालय में करोड़ों के टेंडर के गोल-माल का आरोप, जाँच की मांग

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से जुड़े टेंडरों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कादरीगेट निवासी प्रदीप सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश चन्द्र माथुर पर अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने और नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये के टेंडर पास करने का आरोप लगाया है।स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता के बजाय निजी स्वार्थ को प्राथमिकता दी जा रही है। आरोप है कि उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश चन्द्र माथुर सरकारी योजनाओं में रुचि लेने के बजाय निजी लाभ के लिए ठेके दिलाने और धन उगाही में लगे रहते हैं। साथ ही जनप्रतिनिधियों और आम जनता के प्रति उनका व्यवहार भी संतोषजनक नहीं बताया गया है।
शिकायत के अनुसार 55 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) की लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये की निविदा पारस नाथ इंटरप्राइजेज झारखंड को दी गई, जबकि अन्य दो फर्मों के दस्तावेजों में जाली प्रमाण पत्र लगाए जाने की शिकायत पहले ही विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसके अलावा मैनुअल लॉन्ड्री की निविदा भी कथित रूप से नियमों के विरुद्ध न्यू पैंथर सिक्योरिटी नामक फर्म को दी गई। आरोप है कि पिता-पुत्र के नाम से पंजीकृत दो फर्मों को पास कर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई, जबकि इनके द्वारा भी फर्जी और जाली दस्तावेज लगाए गए थे।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मरीजों के लिए निशुल्क भोजन व्यवस्था की निविदा में भी अनियमितताएं की गईं। तकनीकी जांच में कुछ फर्मों के पास जिला स्तर का फूड लाइसेंस नहीं पाया गया था, लेकिन उपमुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा कथित रूप से फोन कर अपनी चहेती फर्म को फर्जी पते पर लाइसेंस बनवाने की सूचना दी गई और बाद में निविदा की अंतिम तिथि के बाद जारी लाइसेंस को भी स्वीकार कर लिया गया| सीएमओ अवनिन्द्र कुमार नें जेएनआई को बताया की शिकायत करने वाले लोगों को टेंडर नही मिले शायद इसी लिए आरोप लगा रहें हैं | यदि टेंडर में कोई गड़बड़ी है तो इसकी जाँच करायी जायेगी|