संस्कार भारती ने गुरुपूर्णिमा पर किया कला साधकों का सम्मान

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) संस्कार भारती का गुरुपूर्णिमा पर आयोजित कला साधक सम्मान समारोह रविवार को संपन्न हुआ| श्रीमती दीप्ति वत्स क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी पौराणिक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करके राष्ट्र के मानचित्र पर स्थापित करने को कार्यरत । धरोहर कला साधक सम्मान
कुमारी राना हिज़ाब संसद में उद्बोधन दिया राष्ट्रीय बालश्री पुरस्कार से सम्मानित कुशल वक्ता मंच और नुक्कड़ नाटक कलाकार मंचीय कला साधक सम्मान सत्यपाल सिंह सोमवंशी प्रगल्भ वरिष्ठ कवि साहित्य कला साधक सम्मान अजय सिंह चौहान ब्लॉक मेकर और प्रिंटिंग में परिवार लगभग 80 बर्ष से जुड़ा है ।राज्यपाल द्वारा सम्मानित । निफ्ट रायबरेली और दिल्ली के छात्र शोध हेतु आते हैं । लोक कला साधक सम्मान अर्पण शाक्य ,शिक्षक अनेक पुरस्कारों से सम्मानित चित्रकार दृश्य कला साधक सम्मान से सम्मानित किया गया|
मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रामबाबू पाठक ने गुरु की महत्वता का वर्णन रामचरितमानस के प्रसंग के साथ दिया| श्री राम के मर्यादा पुरुषोत्तम बनने के पीछे उनके गुरुओं का योगदान रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि भाई-भाई का प्रेम और गुरुओं का योगदान सदैव प्रेरणादायक है । डॉ. शिव ओम अम्बर ने कहा कि गुरु सदैव गुरु रहता है, आज समाज मे मूल्यों का क्षरण हो रहा है, ऐसे में मात्र गुरु ही पथप्रदर्शक बन सकते है । प्रत्येक व्यक्ति जो कुछ सिखाता है गुरु है जो अंधकार से उजाला दिखाता है गुरु है । कार्यक्रम में संस्कार भारती के प्रांतीय महामंत्री सुरेन्द्र पाण्डेय, प्रांतीय कोषाध्यक्ष समरेंद्र शुक्ल , जिला अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह जी, रविंद्र भदोरिया , डॉ रविंद्र यादव अनुभव सारस्वत ,निमिष टंडन अरविंद दीक्षित, अभिनव सक्सेना, भूपेन्द्र प्रताप सिंह अनुराग पांडेय ,संजय गर्ग ,डॉ नवनीत गुप्त, गौरव मिश्रा बंटी ,आदेश अवस्थी, सुमन त्रिपाठी, रजनी लौंगवानी ,चित्रा अग्निहोत्री, शिवम दीक्षित आदि रहें।
संचालन महेश पाल सिंह उपकारी ने किया|