मैगी खाने वाले होशियार, मिला तय सीमा से ज्यादा कैमिकल

maggii1नई दिल्ली: अगर आप मैगी नूडल्स के शौकीन हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मैगी में घातक केमिकल हो सकते हैं जो सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकते हैं। यूपी के बाराबंकी में प्रशासन ने जांच के दौरान पाया कि उसमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट केमिकल यानी एमएसजी और लेड की मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाई गई।

जांच नतीजों के बाद लखनऊ फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया को लिखा है कि कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यूपी में जांच करने वालों की तरफ से कहा गया है कि देशभर से सैंपल लेकर जांच की जाए ताकि मैगी की गुणवत्ता की सच्चाई पता चल सके।अगर आप मैगी नूडल्स के शौकीन हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मैगी में घातक केमिकल हो सकते हैं।

खाद्य नियामक प्राधिकरण ने मैगी की जांच करने पर पाया है कि उसमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट केमिकल (एमएसजी) की मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाई गई है। सूत्रों के मुताबिक जांच नतीजों के बाद उक्त विभाग ने दिल्ली स्थित भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को लिखित में मैगी का लाइसेंस रद्द करने के लिए कहा है।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के नियंत्रक विभाग ने एफएसएसएआई को यह भी लिखा है कि पूरे देश में मैगी की क्वालिटी जांच होनी चाहिए। मैगी के सैंपल की जांच कोलकाता की रेफरल लैबोरेट्री से करवाई गई है। इन सभी सैंपल में मोनोसोडियम ग्लूटामेट केमिकल की मात्रा अत्यधिक है। बताया जा रहा है कि यूपी में मैगी पर बैन लगने के संकेत मिल रहे है।