मिट्टी के दिए को लेकर जनमानस में ख़ासा उत्साह,वोकल फॉर लोकल से बड़ी जागरूकता

फर्रुखाबाद(जेएनआई ब्यूरो) दीपावली का बाजार अब पूरी तरह से सज चौका है|नगरवासी भी खरीदी करने को दुकानों पर जमा हो रहे है जिससे दुकानों और फुटपाटो पर काफी भीड़ देखने को मिल रही है शहर में रंग-बिरंगी लाइट,पटाखे और मिट्टी की प्रतिमाओं की दुकानें दुल्हन सी सजी दिख हुई हैं। बाजार में मिट्टी के बने दीयों को भी नया रूप देकर सजाया गया है।इस साल बाजार में मिट्टी के दिए और प्रतिमाओं की दुकानों की संख्या भी बड़ी है| शहर के लाल दरवाजा से चौंक मुख्य मार्ग के आसपास लगी दुकानों पर दीयों की काफी वैरायटी मौजूद है। 50 से लेकर 100 रुपए प्रति सैकड़ा के हिसाब से दुकानदार दिए बेच रहे हैं। डिजाइनर दीयों की कीमत 10 से 15 रुपए प्रति दीया रखी गई है।आम लोगों ने दीवाली की तैयारियां तेज कर दी हैं। दिए के दुकानदार ने बताया कि पहले की तुलना में दिए बनाने की लागत बढ़ गई है लेकिन लोग पुराने दाम पर ही दिए सहित अन्य सामग्री की मांग कर रहे हैं जिस

कारण सिर्फ लागत निकलने की उम्मीद ही रहती है। एक दुसरे दिए के व्यापारी ने बताया कि उन्होंने दिए बनाकर बेचने का काम करीब 3 दशक से किया है। पहले मिट्टी और अन्य सामग्री कम कीमत पर उपलब्ध होती थी, जिससे वे अच्छी कमाई कर लेते थे लेकिन अब महंगाई बढऩे के कारण पहले जितना मुनाफा नहीं होता। इस बार मिटटी के दिए की दुकानों पर अधिक भीड़ होने से अच्छा व्यापार होने की सम्भावना बन रही है|आम नागरिक भी इस बार पहले ही अपेक्षा अधिक जागरूक हुआ है |प्रधानमन्त्री मोदी के वोकल फॉर लोकल के सन्देश से आम नागरिको में जागरूकता बड़ी है जिसका असर छोटे कामगारों के व्यापार में दिखने की उम्मीद है|