महिला सृष्टि की जननी, सनातन परंपरा में वह जननी

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) नारी सशक्तिकरण के तहत विभिन्न वर्गों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाजसेवी चिकित्सक डॉ रजनी सरीन ने अपने आवास लोहाई रोड पर संगोष्ठी का आयोजन किया।
डा.सरीन ने महीयसी महादेवी वर्मा को नमन करते हुए कहा कि पहले महादेवीजी ने दुख उठाया, इसके बाद उन्हें कलम की देवी के रूप में सम्मान दिया गया ।उन्होंने कहा कि महिला सृष्टि की जननी है, सनातन परंपरा में शुरू से ही महिला को देवी के रूप में सम्मान दिया जाता रहा है। महिलाएं स्वयं को कमजोर न समझ कर आत्म शक्ति के विकास के रास्ते पर चलें और समाज को नई दिशा देने का काम करें। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि नारी शक्ति एक बार फिर नए भारत के निर्माण का कार्य करेगी। सरकार ने भी स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को ताकतवर बनाने का महत्वपूर्ण काम किया है। इस अवसर पर विभिन्न वर्गों की महिलाओं में रेनू ,अमन, संजू कुमारी ,रितु ,जूही, मधु ,कुमकुम समेत बड़ी तादाद में महिला इकट्ठी हुईं,जिन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया गया।