महाकुंभ भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने किया सुनवाई से इनकार

नई दिल्ली:महाकुंभ भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी की ओर से ये जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ पर स्टेटस रिपोर्ट और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इतना ही नहीं इसमें सभी राज्यों की ओर से मेले में सुविधा केंद्र खोलने की भी बात कही गई हैजिससे गैर हिंदी भाषी नागरिकों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।बता दें कि महाकुंभ में मौनी अमावस्या 29 जनवरी के तड़के हुई घटना में 30 लोगों की मौत हो गई थी और 60 लोग घायल हो गए थे। हालांकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का मेला क्षेत्र में आना जारी है
और भगदड़ की घटना का यहां आ रहे श्रद्धालुओं पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा। इसके बाद सरकार ने मेला क्षेत्र में भीड़ के प्रबंधन के लिए 5 बड़े उपाय अपनाए हैं, जिनमें बाहरी वाहनों के प्रवेश पर बैन से लेकर बीबीआईपी पासों को रद्द किया जाना शामिल है।
सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
न्यायालय के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने दलील दी कि इस संबंध में पहले ही इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है। इस पर कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार की इस दलील पर ध्यान देते हुए कहा, महाकुंभ में हुई भगदड़ दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। साथ ही अधिवक्ता को इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने को कहा है।